Women Safety Apps (Source. Freepik)
Women Security Apps For Emergencies: इंटरनेशनल विमेंस डे हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर में महिलाओं की उपलब्धियों, संघर्षों और योगदान का सम्मान करता है। यह महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और जागरूकता से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का भी एक अहम मौका है।
आज के डिजिटल ज़माने में, मोबाइल फ़ोन सिर्फ़ बातचीत या मनोरंजन का ज़रिया नहीं रह गए हैं। ज़रूरत पड़ने पर ये स्मार्टफ़ोन महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक मज़बूत हथियार भी बन सकते हैं। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, सरकार और पुलिस ने कई मोबाइल ऐप बनाए हैं जो इमरजेंसी मदद के लिए तुरंत अलर्ट भेज सकते हैं। आइए जानें उन तीन ज़रूरी ऐप के बारे में जो हर महिला के मोबाइल फ़ोन में होने चाहिए।
“112 इंडिया ऐप” को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बनाया है। यह ऐप खास तौर पर तुरंत इमरजेंसी मदद देने के लिए बनाया गया है। इस ऐप में एक SOS बटन है। अगर किसी महिला को खतरा महसूस होता है, तो वह इस बटन को दबाकर तुरंत इमरजेंसी सर्विस को अलर्ट कर सकती है। इसकी खास बात यह है कि अलर्ट भेजने पर, यूज़र की लोकेशन सीधे इमरजेंसी सर्विस को भेज दी जाती है, जिससे तुरंत मदद मिल जाती है।
मोबाइल के पावर बटन को लगातार तीन बार दबाकर दूसरे ऑप्शन भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। यह ऐप हिंदी और इंग्लिश समेत कई भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे इसे इस्तेमाल करना और भी आसान हो जाता है।
मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए “ई-रक्षक ऐप” लॉन्च किया है। इस ऐप में GPS-बेस्ड ट्रैकिंग और SOS अलर्ट की सुविधा है। अगर किसी महिला को खतरा महसूस होता है, तो वह इस ऐप के ज़रिए तुरंत पास के पुलिस स्टेशन से संपर्क कर सकती है। ई-रक्षक ऐप की एक और खासियत यह है कि यह महिलाओं के लिए सेल्फ-डिफेंस ट्यूटोरियल और ज़रूरी सुरक्षा जानकारी देता है। यह ऐप न सिर्फ़ महिलाओं को इमरजेंसी में मदद लेने की सुविधा देता है, बल्कि उन्हें अपनी सुरक्षा करना भी सिखाता है।
दिल्ली पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए “हिम्मत ऐप” बनाया है। इस ऐप में SOS बटन दबाने पर यूज़र की लोकेशन और ज़रूरी जानकारी सीधे पुलिस कंट्रोल रूम में पहुँच जाती है। इसके अलावा, ज़रूरत पड़ने पर इस ऐप के ज़रिए ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को भेजी जा सकती है। इससे पुलिस को घटना की तुरंत जानकारी मिलती है और कार्रवाई करने में आसानी होती है।
ये भी पढ़े: AI से हुआ ऐसा रिश्ता कि शख्स ने चैटबॉट को मान लिया पत्नी, आखिर कैसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई कहानी
आज की दुनिया में, टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल महिलाओं की सुरक्षा को काफी मज़बूत कर सकता है। आपके मोबाइल फ़ोन में सेफ़्टी ऐप्स होने से इमरजेंसी में मदद मिलना आसान हो जाता है। इसलिए, हर महिला को अपने स्मार्टफ़ोन में कम से कम एक या दो सेफ़्टी ऐप्स इंस्टॉल करने चाहिए ताकि ज़रूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।