क्या अब इंसानों की जगह लेंगे पालतू AI? अकेलेपन की समस्या का नया समाधान बन सकते हैं रोबोटिक साथी
AI Robot Pet: टेक कंपनियां ऐसे रोबोट बनाने की कोशिश कर रही हैं जो केवल खिलौने न लगें बल्कि इंसानों के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी बना सकें। नई कंपनी Familiar Machines and Magic ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है।
- Written By: सिमरन सिंह
AI Pet (Source. Familiar Machines and Magic)
Robotic Pets: तकनीक की दुनिया दिन प्रति दिन बदलती जा रही है और अब ऐसा दौर आ गया है जब घरों में सिर्फ स्मार्टफोन या स्मार्ट स्पीकर ही नहीं बल्कि AI से लैस रोबोटिक भी आपके साथ रह पाएगे। देखा गया है कि सालो से टेक कंपनियां ऐसे रोबोट बनाने की कोशिश कर रही हैं जो केवल खिलौने न लगें बल्कि इंसानों के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी बना सकें। ऐशसे में अब नई कंपनी Familiar Machines and Magic इसी दिशा में बड़ा कदम सामने रख चुकी है।
खिलौनों से आगे बढ़कर इमोशनल कंपैनियन
वैसे तो कई लोग जानते है कि रोबोटिक पालतू जानवरों की तकनीक पुरानी नहीं है। दशकों पहले भी ऐसी कई कोशिशें हुई थीं लेकिन तकनीक की सीमाओं के कारण वे ज्यादा सफल नहीं हो पाई। लेकिन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास ने इस क्षेत्र को नई दिशा दे दी है।
बता दें कि Familiar Machines and Magic का लक्ष्य ऐसे AI रोबोट तैयार करना है जो केवल आदेशों का पालन न करें बल्कि इंसानों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ाव महसूस कराने का अनुभव भी दें। ऐसे में अब कंपनी रोबोटिक्स इंजीनियरिंग के साथ मनोरंजन उद्योग में इस्तेमाल होने वाले कैरेक्टर डिजाइन और स्टोरीटेलिंग के सिद्धांतों का उपयोग कर रही है जिससे रोबोट अधिक प्राकृतिक लगेगा।
सम्बंधित ख़बरें
रेलवे की Railway Bedsheet में AI कैमरा खोजेगा दाग-धब्बे, पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च
अब इंसान नहीं, AI करेगा Influencing, भारत में तेजी से बढ़ रहा Virtual Influencers का क्रेज
भारत पर बढ़ा साइबर हमलों का खतरा, 6 महीने में 77 Ransomware Attack, एशिया में दूसरा सबसे बड़ा निशाना बना देश
Facebook पर मिलेगा फ्री Blue Tick, Meta ला रहा Human Verified बैज, AI और फेक प्रोफाइल पर लगेगी लगाम
बुजुर्गों और बच्चों के लिए बन सकते हैं मददगार साथी
वहीं इस तकनीक की जानकारी आने के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती उम्र और सामाजिक अलगाव जैसी समस्याओं के बीच रोबोटिक साथी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं माना जाता है कि AI पालतू जानवर बुजुर्गों को कुछ बातचीत और भावनात्मक सहारा दे सकते हैं लेकिन यह ध्यान रहना चाहिए कि उन्हें किसी जीवित जानवर की तरह देखभाल, खाना खिलाने या सफाई की जिम्मेदारी नहीं उठानी पड़ेगी।
बड़ो के अलावा बच्चों के लिए भी ये एक सुरक्षित विकल्प साबित हो सकते हैं। जिससे बच्चे जिम्मेदारी, सहानुभूति और देखभाल जैसे गुण सीख पाएगे वो भी बिना किसी वास्तविक जानवर को नुकसान पहुंचाए।
Familiar Machines and Magic
AI के साथ और भी स्मार्ट होंगे भविष्य के रोबोट
अभी के लिए यह तकनीक शुरुआती दौर में है लेकिन आने वाले तीन से पांच सालो में इसमें बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। जिसको लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के रोबोटिक साथी यूजर्स की आदतों को याद रख सकेंगे, बातचीत के इतिहास को सुरक्षित रखेंगे और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य संबंधी सहायता भी कर पाएगे। जिसके अदंर गिरने की स्थिति का पता लगाने, दवाइयों की याद दिलाने, घर के वातावरण की निगरानी करने और बुनियादी स्वास्थ्य ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल होगी। इतना ही नहीं लोग अपने रोबोटिक साथी के व्यवहार और व्यक्तित्व को अपनी पसंद के अनुसार बदल भी सकते है।
ये भी पढ़े: रेल यात्रियों की टेंशन खत्म, अब AI रखेगा खाने पर 24 घंटे नजर, चूहा-मक्खी दिखते ही होगा अलर्ट
तकनीक और भावनाओं का नया संगम
रोबोटिक साथी का होना अब कोई कहानी नहीं रहेगी AI और रोबोटिक्स की प्रगति इन्हें सच के करीब लाने की ताकत रखती है। लेकिन विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि इस तकनीक के साथ गोपनीयता, डेटा सुरक्षा और जिम्मेदार इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर भी ध्यान देना होगा। ऐसे में अगर तकनीक सही तरह से बनकर तैयार होती है तो आने वाले सालो में AI रोबोटिक साथी हमारे घरों और आम जीवन का हिस्सा बन सकते हैं।
