आज लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, भारत में कैसा पड़ेगा प्रभाव?
इस साल का आखिरी सूर्यग्रहण लगने वाला है। ऐसे में सोचने वाली बात यह है कि क्या इस सूर्यग्रहण का प्रभाव भारत पर पड़ेगा, और अगर पड़ेगा तो किस-किस तरह की चीजें बदलते हुए देखने को मिल सकती हैं।
- Written By: सिमरन सिंह
इश साल का सूर्य ग्रहण क्या भाकर पर प्रभाव डालेगा। (सौ. Freepik)
नवभारत डिजिटल डेस्क. आज यानी कि 2 अक्टूबर 2024 को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह काफी महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है। जो ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक विशेष है, जैसे कि आप जानते ही होंगे कि सूर्य को आत्मा का कारक माना जाता है। ऐसे में सूर्य से जुड़ी कोई भी हलचल सीधा धरती पर रहने वाले जीवों से प्रभावित होती है। ऐसे में सूर्य ग्रहण का वैज्ञानिक होने के साथ-साथ ज्योतिषीय कारण भी होता है। ऐसे में साल के आखिरी सूर्य ग्रहण के बारे में सभी जानकारी का होना हमारे लिए जरूरी है।
क्या भारत में लिखेगा सूर्यग्रहण?
साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण अश्विनी कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर आज लगने वाला है। इस ग्रहण को दक्षिणी अमेरिका के उत्तरी भागों, प्रशांत महासागर, अटलांटिक, आर्कटिक, चिली, पेरू, होनोलूलू, अंटार्कटिका, अर्जेंटीना, उरुग्वे, ब्यूनस आयर्स, बेका आइलैंड, फ्रेंच पॉलिनेशिया महासागर, उत्तरी अमेरिका के दक्षिण भाग, फिजी, न्यू चिली, ब्राजील, मेक्सिको और पेरू में कुछ जगहों पर देखा जाने वाला है।
भारत के समय अनुसार देखा जाए तो साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण आज रात 9:12 पर शुरू होगा और यह ग्रहण 3 अक्टूबर की मध्य रात्रि 3:17 पर अंत होगा। इस सूर्य ग्रहण का मध्य समय 12:15 तक का रहने वाला है।
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सूर्य ग्रहण का सूतक काल
इस सूर्य ग्रहण की बात करें तो यह भारत में नहीं दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल भारत में माना नहीं जाएगा यानी कि ग्रहण का देश पर भौतिक प्रभाव या आध्यात्मिक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
इस ग्रहण के दौरान भारत में रहने वाले सभी लोगों के लिए सामान्य दिनचर्या चलेगी। शास्त्र के मुताबिक ग्रहण जहां पर लगता है, वहां पर इसका प्रभाव देखा जाता है, इसलिए भारत में यह ग्रहण नहीं दिखेगा और ना ही भारद्वासियों पर इसका कोई प्रभाव होगा।
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कैसा होगा सूर्य ग्रहण का प्रभाव
सूर्य ग्रहण कन्या राशि में लगने जा रहा है। ग्रहण के समय सूर्य पर राहु की पूर्ण दृष्टि रहेगी। साथ ही शनि के साथ सूर्य का षडाष्टक योग भी बनेगा। केतु में सूर्य मौजूद रहने वाला है। साथ ही इस ग्रहण से सूर्य, चंद्रमा, बुध और केतु का सहयोग होगा। राहु और केतु का अक्षय मीन और कन्या राशि में प्रभावशाली देखा जाएगा। यह स्थिति दुनिया भर में राजनीतिक रूप से भयंकर उथल-पुथल मचा सकती है। शेयर बाजार और दुनिया भर की आर्थिक स्थिति हिला सकती है। कन्या और मीन राशि का प्रभाव विश्व भर में देखने को मिलने वाला है।
