Solapur mayor controversy (सोर्सः सोशल मीडिया)
Solapur Mayor Controversy: मराठा क्रांति मोर्चा के अनुसार, “सोलापुर में मराठा समुदाय के साथ राजनीतिक अन्याय हो रहा है। 1993 में मराठा समुदाय का मेयर चुना गया था। इस साल के नगर निगम चुनावों में BJP को ज़बरदस्त सफलता मिली है। 102 में से 87 कॉर्पोरेटर BJP के चुने गए हैं। सोलापुर में मराठा समुदाय का वोटर टर्नआउट और आबादी बहुत मायने रखती है।
सोलापुर का मेयर चुनते समय मराठा समुदाय को प्राथमिकता देना ज़रूरी था। विनायक कोंड्याल को मेयर बनाया गया, इसलिए सोलापुर में मराठा समुदाय BJP से नाराज़ है।” मंगलवार दोपहर को मराठा क्रांति मोर्चा के राज्य समन्वयक राम जाधव ने छत्रपति संभाजी महाराज की मूर्ति के सामने मुंडन कर पालकमंत्री जयकुमार गोर के खिलाफ अपना गुस्सा ज़ाहिर किया।
सोलापुर में राम जाधव ने खून से एक पत्र लिखा, जिसमें कुछ प्रमुख स्थानीय BJP नेताओं पर मराठा समुदाय के साथ राजनीतिक अन्याय करने का आरोप लगाया। मंगलवार दोपहर मुंडन आंदोलन करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि मराठा समुदाय का मेयर क्यों नहीं बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने मराठा समुदाय पर यह अन्याय क्यों थोपा।
मराठा क्रांति मोर्चा के राज्य समन्वयक राम जाधव ने मराठा समुदाय के साथ हो रहे राजनीतिक अन्याय के विरोध में मुंडन कराया। उन्होंने मांग की कि सोलापुर के मौजूदा मेयर तुरंत इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक मराठा समुदाय का मेयर नहीं बन जाता।
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मराठा क्रांति मोर्चा के समन्वयक राम जाधव ने कहा, “1993 के बाद मराठा समुदाय 32 वर्षों तक मेयर पद से वंचित रहा। इस साल जब BJP को तीन दशकों बाद मराठा समुदाय का मेयर बनाने का अवसर मिला, तब भी शहर के कुछ प्रमुख नेताओं ने ऐसा नहीं किया। 1993 के बाद तीन बार पद्मशाली समुदाय को, दो बार मुस्लिम समुदाय को, दो बार लिंगायत समुदाय को, दो बार बंजारा समुदाय को और एक-एक बार ब्राह्मण, कैकडी तथा धनगर समुदाय को अलग-अलग पार्टियों ने प्रतिनिधित्व दिया है।”