Solar Panel लगवाने से पहले जान ले यह जरूरी बातें, एक्सपायरी डेट से लेकर कितनी जगह में हो जाएगा काम
Solar Panel Life: बढ़ते बिजली बिल को देखते हुए आम आदमी की टेंशन बढ़ गई है। जिस वजह से लोग अब तेजी से सोलर एनर्जी की तरफ अपना रुख कर रहे हैं। लेकिन सोलर पैनल लगाने से पहले कुछ बातें पता होना जरूरी है।
- Written By: सिमरन सिंह
Solar Panel (Source. Freepik)
Solar Panel Price: बढ़ते बिजली बिल को देखते हुए आम आदमी की टेंशन बढ़ गई है। जिस वजह से लोग अब तेजी से सोलर एनर्जी की तरफ अपना रुख कर रहे हैं। अब तक देखा गया है कि घरों की छतों से लेकर फैक्ट्रियों तक सोलर पैनल का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन एक सवाल सोलर सिस्टम लगवाने से पहले हर किसी के मन में आता जरूर है कि आखिर Solar Panel कितने साल तक चलता है और क्या इसकी भी कोई एक्सपायरी डेट होती है? वहीं एक सवाल और है जो मन में आता है कि सोलर पैनल लगाने के लिए कितनी जगह की जरूरत होती है।
25 साल बाद भी बंद नहीं होता Solar Panel
जानकारी के लिए बता दें कि सोलर पैनल किसी आम मशीन की तरह नहीं है जो एक तय तारीख के बाद अचानक काम करना बंद कर दे। इसकी उम्र धीरे-धीरे कम होती है और समय के साथ बिजली बनाने की क्षमता घने लग जाती है। वैसे किसी अच्छे सोलर पैनल को उदाहरण के रू में बताए तो वह 25 से 30 साल तक आसानी से काम कर सकता है। ऐसे में कई ऐसी कंपनियां भी है जो 25 साल तक की परफॉर्मेंस वारंटी देती हैं। लेकिन साफ कर दें कि इसका मतलब यह नहीं कि 25 साल बाद पैनल काम करना बंद कर देगा या खराब हो जाएगा, बल्कि इसकी बिजली उत्पादन क्षमता थोड़ी कम हो सकती है।
उदाहरण के तौर पर देखे तो कोई भी नया पैनल जहां शुरुआत में 100% क्षमता से काम करता है वो 25 साल बाद करीब 75 से 85% क्षमता तक बिजली पैदा कर सकता है।
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क्या होती है पैनल की एक्सपायरी डेट?
सोलर पैनल कोई खाने-पीने की चीज नहीं है जिसकी एक्सपायरी तय होती है। किसी भी सोलर पैनल की लाइफ तकनीकी फैक्टर्स पर निर्भर करती है। जिसमें पैनल की क्वालिटी, इस्तेमाल किया गया मटेरियल, मौसम और इंस्टॉलेशन का तरीका मिलकर इसकी उम्र तय करते हैं। वैसे तो हर साल पैनल की क्षमता थोड़ी घटती है जिसे डिग्रेडेशन रेट कहा जाता है। वहीं अगर आपके पास अच्छे सोलर पैनलों है तो यह दर करीब 0.5% प्रति वर्ष होती है। वहीं अगर आपके इलाके में ज्यादा गर्मी, धूल, बारिश या तूफान आते हैं तो इसका असर भी पैनल की उम्र पर देखने को मिलता है। लेकिन नियमित सफाई और सही मेंटेनेंस से इसकी लाइफ काफी हद तक बढ़ाई जा सकती है।
कितनी जगह में लगेगा Solar System?
सोलर पैनल को लगाने की जगह के बारें में बताए तो कोई भी आम परिवार जो हर महीने करीब 300 यूनिट बिजली खर्च करता है उसके लिए 3kW का सिस्टम सबसे सही रहेगा। जिसके लिए परिवार को लगभग 300 स्क्वेयर फीट जगह चाहिए। वहीं 1kW सिस्टम के लिए करीब 100 स्क्वेयर फीट और 5kW सिस्टम के लिए लगभग 500 स्क्वेयर फीट एरिया की जरूरी होती है।
ऐसे में ऐसे घर जहां जगह कम है वहां मोनोक्रिस्टलाइन पैनल बेहतर ऑप्शन माने जाते हैं क्योंकि ये कम जगह में ज्यादा बिजली बना सकते है। वहीं ज्यादा स्पेस होने पर पॉलीक्रिस्टलाइन पैनल सस्ता और अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।
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3kW Solar System लगवाने में कितना खर्च?
अगर आप तय कर चुके है कि आप अपने घर में सोलर पैनल लगवाएंगे तो किसकी कीमत को जानना भी जरूरी है ताकी आप बजट बना सके बता दें कि भारत में एक औसत घर के लिए 3kW ऑन-ग्रिड रूफटॉप सोलर सिस्टम की कुल लागत करीब 1.5 लाख से 2.2 लाख रुपये तक आती। इसमें पैनल, इन्वर्टर, वायरिंग, माउंटिंग स्ट्रक्चर और इंस्टॉलेशन का खर्च सब कुछ शामिल किया गया है। लेकिन एक बात अच्छी यह भी है कि PM सूर्यघर योजना के तहत इस सिस्टम पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी भी मिल सकती है। ऐसे में शुरुआती खर्च कम हो जाता है और लंबे समय तक बिजली बिल में बड़ी बचत मिलती है।
