महंगे हो गए स्मार्टफोन: अब फोन खरीदने के लिए चुकानी होगी ज्यादा कीमत, जानिए वजह
AI Chip Demand: स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। क्योंकि भारत में अब फोन की कीमतें 2,000 रुपये तक बढ़ गई हैं।
- Written By: सिमरन सिंह
Smartphone होने वाले है मंहगे। (सौ. Freepik)
Smartphone Price Increase: अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। मोबाइल खरीदने वालों को इस बार झटका लग सकता है क्योंकि भारत में अब फोन की कीमतें 2,000 रुपये तक बढ़ गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेमोरी और चिप जैसे स्टोरेज कंपोनेंट्स की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण स्मार्टफोन कंपनियों ने दाम बढ़ा दिए हैं। इसका असर इस साल लॉन्च होने वाले लगभग सभी मॉडलों पर देखने को मिलेगा।
इन ब्रांड्स के फोन हुए महंगे
कंपोनेंट की बढ़ी हुई लागत अब ग्राहकों पर सीधा असर डाल रही है। The Hindu की रिपोर्ट के अनुसार:
- Vivo T Series और Vivo T4x 5G Series के दाम 1,500 रुपये तक बढ़ गए हैं।
- वहीं Oppo Reno 14 Series और Oppo F31 Series की कीमत में भी 1,000 से 2,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।
Samsung ने भी अपने फोन की कीमतों में इजाफा किया है।
सम्बंधित ख़बरें
Flipkart GOAT Sale आज रात से शुरू, VIP यूजर्स की होगी मौज, iPhone 17 पर मिलेगी भारी छूट
14 लाख का AI रोबोट जो समझेगा आपके जज्बात, इंसानों जैसी त्वचा, याद रखेगा हर बात, देखकर रह जाएंगे हैरान
महाराष्ट्र में जाति सत्यापन के लिए AI और ब्लॉकचेन का होगा इस्तेमाल, CM फडणवीस ने दिए निर्देश
Samsung की बढ़ेगी टेंशन, Apple का पहला Foldable iPhone Ultra करेगा एंट्री, जानिए किसमें मिलेगा ज्यादा दम?
- Samsung A17 मॉडल में 500 रुपये की वृद्धि हुई है।
- इसके अलावा सैमसंग अब फोन के साथ चार्जर शामिल नहीं करता, जिससे ग्राहकों को लगभग 1,300 रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। यानी कुल मिलाकर Samsung के स्मार्टफोन खरीदना अब लगभग 1,800 रुपये महंगा हो गया है।
AIMRA ने दी चेतावनी: कीमतें और बढ़ सकती हैं
AIMRA (ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन) ने चेतावनी दी है कि स्मार्टफोन की कीमतों में यह बढ़ोतरी यहीं खत्म नहीं होगी। एसोसिएशन के अनुसार, स्टोरेज कंपोनेंट्स की ग्लोबल कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आने वाले महीनों में इसका प्रभाव और गहरा हो सकता है।
2026 तक नहीं मिलेगा राहत का अनुमान
OEM कंपनियों द्वारा जारी दस्तावेजों के मुताबिक, अगस्त 2025 से मेमोरी और चिप्स की कीमतें बढ़ना शुरू हो गई हैं। मेमोरी की कमी (Memory Supply Shortage) के चलते ये दाम 2026 के अंत तक और बढ़ने की संभावना है। इंडस्ट्री रिसर्च बताती है कि न केवल स्टोरेज कंपोनेंट्स, बल्कि कच्चे माल (Raw Materials) की कीमतों में भी तेजी जारी रहेगी।
ये भी पढ़े: सावधान! आपके फोन की हर गतिविधि पर नजर रख सकते हैं ये ऐप्स, जानें कैसे बचाएं अपनी प्राइवेसी
AI बढ़ा रहा है हाई-एंड मेमोरी की मांग
Artificial Intelligence (AI) टेक्नोलॉजी ने भी इस समस्या को और बढ़ा दिया है। अब Machine Learning Systems और Data Centers के लिए हाई-एंड मेमोरी की मांग तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां चिप्स सिर्फ मोबाइल में इस्तेमाल होती थीं, अब वही चिप्स Generative AI को पावर देने के लिए बड़े पैमाने पर उपयोग में लाई जा रही हैं। इस बढ़ती मांग के कारण ही मेमोरी और चिप्स की वैश्विक कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं।
