SIM स्वैप फ्रॉड से बचने के लिए DoT ने जारी किया अलर्ट, यूजर्स रहें सतर्क
SIM बंद होने के नाम पर साइबर फ्रॉड को लेकर दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल यूजर्स को अलर्ट किया है। DoT ने बताया कि कैसे SIM स्वैप धोखाधड़ी के जरिए लोगों की निजी और बैंकिंग जानकारी खतरे में है।
- Written By: सिमरन सिंह
Sim fraud information by DoT (so. Design)
देशभर में SIM बंद होने के नाम पर हो रहे साइबर फ्रॉड को लेकर दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल यूजर्स को अलर्ट किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक चेतावनी जारी करते हुए DoT ने बताया कि कैसे SIM स्वैप धोखाधड़ी के जरिए लोगों की निजी और बैंकिंग जानकारी खतरे में डाली जा रही है।
DoT ने क्या कहा?
DoT ने अपने आधिकारिक हैंडल से पोस्ट किया, “सिम स्वैप धोखाधड़ी से सावधान रहें! अपने नाम से जुड़े मोबाइल नंबरों की जांच करें और किसी भी संदिग्ध नंबर की रिपोर्ट करें – www.sancharsaathi.gov.in”।
दूरसंचार विभाग ने स्पष्ट किया है कि SIM कार्ड बंद होने को लेकर DoT, TRAI या किसी भी टेलीकॉम कंपनी की तरफ से कोई कॉल या मैसेज नहीं किया जाता है। ऐसे किसी भी मैसेज या कॉल को फर्जी मानें और अलर्ट रहें।
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SIM स्वैप फ्रॉड कैसे होता है?
- साइबर अपराधी यूजर की जानकारी हासिल कर सोशल इंजीनियरिंग के जरिए नया सिम इश्यू करवा लेते हैं।
- जैसे ही उनके पास नया SIM एक्टिवेट हो जाता है, असली यूजर का नंबर बंद हो जाता है और
- सभी OTP व अलर्ट अब अपराधी को मिलने लगते हैं।
- इसी आधार पर वे बैंक ट्रांजैक्शन, सोशल मीडिया लॉगिन आदि का दुरुपयोग करते हैं।
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SIM स्वैप फ्रॉड से कैसे बचें?
- अपना मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक न करें।
- किसी को भी OTP, पिन या पासवर्ड शेयर न करें।
- बैंक से जुड़ा नंबर प्राइवेट रखें और उसे पब्लिक प्लेटफॉर्म पर शेयर न करें।
- मोबाइल नेटवर्क या SMS में किसी भी अचानक बदलाव को तुरंत नोटिस करें।
- संदिग्ध कॉल या मैसेज आने पर तुरंत मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर और बैंक से संपर्क करें।
सावधानी ही सुरक्षा है। SIM स्वैप फ्रॉड से बचने के लिए डिजिटल सतर्कता ज़रूरी है। DoT की वेबसाइट पर जाकर समय-समय पर नंबर की जांच करते रहें और किसी भी तरह के फ्रॉड से पहले ही सचेत हो जाएं।
