Apple पर बड़ा झटका, iPhone खरीदा फीचर्स नहीं मिले, अब यूजर्स को मिलेगा हर्जाना, जानिए कितना पैसा लौटाएगी कंपनी
Apple Intelligence Case: Apple Intelligence को लेकर बड़े विवाद है जिसकी वजह से अब कंपनी को अपने यूजर्स को करोड़ों का मुआवजा देना होगा। जिसके लिए विवाद अभी अदालत में चल रहा है।
- Written By: सिमरन सिंह
Apple (Source. Apple)
Apple Intelligence Case Controversy: Apple Inc. इस समय Apple Intelligence को लेकर बड़े विवाद में फंस गया है पर अब कंपनी इस मामले को सुलझाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। वहीं जानकारी के अनुसार अगर अदालत से मंजूरी मिल जाती है तो अमेरिका को हजारों iPhone यूजर्स को मुआवजा देना होगा। इस विवाद को सीधा उन मामलों से जुड़ा गया है जो कंपनी ने अपने AI फीचर्स को लेकर किए थे।
बड़े-बड़े वादे और फिर अधूरे फीचर्स
इस विवाद की शुरूआत WWDC 2024 के दौरान हुई थी। जिसमें Apple ने स्मार्टर Siri, राइटिंग टूल्स, नोटिफिकेशन समरी और एडवांस AI फीचर्स जैसे कई सारे वादे किए थे। लेकिन नए iPhone के बाजार में आने के बाद यूजर्स को कई फीचर्स या तो मिले ही नहीं या बहुत देरी से रोलआउट हुए। इस मामले में आरोप लगाया गया की ग्राहकों ने इन वादों को सुनने के बाद ही महंगे iPhone को खरीदा था, जिसके बाद भी उनको यह एक्सपीरियंस नहीं मिला।
किसे मिलेगा मुआवजा और कितनी होगी रकम?
अभी तक जो अदालती दस्तावेजों सामने आए है उसके अनुसार Apple इस केस को खत्म करने के लिए करीब 250 मिलियन डॉलर जो भारत में करीब 2,000 करोड़ रुपये होते है देने के लिए राजी हो गया है।
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कौन होगा योग्य?
इसमें पहला सवाल आता है कि इस राशि के लिए कौन योग्य होगा उसमें बताया गया है कि अमेरिकी यूजर्स जिन्होंने जून 2024 से मार्च 2025 के बीच iPhone 16 या कुछ iPhone 15 मॉडल खरीदे थे उनको यह राशि मिलेगी। जिसमें इस राशि को प्रति डिवाइस $25 से $95 जो भारतीय रुपये में लगभग 2,100 से 8,000 तक का होता है। लेकिन आखिरी राशि इस बात पर निर्भर करती है कि कितने लोग क्लेम को करने वाले है।
Apple की सफाई: हमने कोई गलती नहीं की
वहीं जानने वाली बात यह है कि इस समझौते के पूरे होने के बाद भी Apple इस मामले में अपनी गलती नहीं मान रहा है। कंपनी का साफ तौर पर कहना है कि उसने समय के साथ अपने प्लेटफॉर्म पर कई AI फीचर्स को धीरे धीरे जारी किए हैं और वह यह समझौता सिर्फ इसलिए कर रही है ताकि आने वाले समय में उसके प्रोडक्ट्स और सर्विसेज पर ज्यादा ध्यान दिया जा सके। इसके साथ ही बता दें कि फिलहाल यह मामला U.S. District Court for the Northern District of California में चल रहा है।
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AI की रेस में बढ़ता दबाव
इस मामले का उस समय में आना हुआ है जब AI पूरी दुनिया में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा कर रहा है Google, Microsoft और OpenAI जैसी कंपनियां तेजी से कमाल के नए फीचर्स ला रही हैं। जिससे Apple पर भी दबाव बढ़ रहा है। इससे पहले भी कंपनी वॉयस असिस्टेंट Siri में देरी और AI नोटिफिकेशन की गलतियों को लेकर ताने सुन चुकी है।
क्या Apple की इमेज पर असर पड़ेगा?
इस मामले को देखकर यह तो साफ होता है कि आज के समय में सिर्फ वादा करना काफी नहीं है उन्हें पूरा करना भी उतना ही जरूरी होता है। अगर Apple जैसी कंपनी ही अपने यूजर्स के भरोसे पर नहीं खड़ी होगी तो लोगों का भरोसा डगमगाएगा और इसका असर टेक मार्केट पर पड़ेगा।
