Apple Google AI partnership (Source. Design)
Apple Google AI Partnership: बात थोड़ी चौंकाने वाली जरूर है, लेकिन यह सोलह आने सच है कि दुनिया की दो दिग्गज टेक कंपनियां Apple और Google अब एक साथ काम करेंगी। जो कंपनियां अब तक एक-दूसरे की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी मानी जाती थीं, उनके बीच यह लॉन्ग-टर्म कोलैबोरेशन टेक इंडस्ट्री के भविष्य को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। इस साझेदारी का मकसद Apple डिवाइस पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुभव को पूरी तरह बदलना है।
जॉइंट स्टेटमेंट के मुताबिक, Apple के आने वाले फाउंडेशन मॉडल्स अब Google के Gemini AI मॉडल और उसके क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित होंगे। यह अब तक का दो बड़े टेक कॉम्पिटिटर्स के बीच सबसे बड़ा सहयोग माना जा रहा है। इससे साफ है कि Apple ग्लोबल AI रेस में खुद को और मजबूत करना चाहता है।
Joint Statement: “Apple and Google have entered into a multi-year collaboration under which the next generation of Apple Foundation Models will be based on Google’s Gemini models and cloud technology. These models will help power future Apple Intelligence features, including a” – News from Google (@NewsFromGoogle) January 12, 2026
Apple ने पुष्टि की है कि Gemini AI, आने वाले Apple Intelligence एक्सपीरियंस को पावर देगा। इसका सीधा फायदा यूजर्स को मिलेगा। Siri पहले से ज्यादा स्मार्ट, पर्सनलाइज्ड और यूजर की जरूरतों को समझने वाली बन सकती है। वॉयस कमांड, कंटेंट जेनरेशन, प्रोडक्टिविटी टूल्स और ऑन-डिवाइस असिस्टेंस जैसे रोजमर्रा के काम अब पहले से ज्यादा आसान होने की उम्मीद है।
Apple-Google AI डील सामने आते ही Elon Musk की प्रतिक्रिया भी सामने आई। उन्होंने X पर लिखा कि यह डील Google की पहले से मजबूत पोजिशन को और ज्यादा ताकतवर बना देगी। “This seems like an unreasonable concentration of power for Google, given that the also have Android and Chrome” – Elon Musk (@elonmusk) January 12, 2026 रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple ने इस डील से पहले OpenAI, Anthropic और Perplexity के साथ भी साझेदारी पर विचार किया था।
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Apple का कहना है कि कई AI प्लेटफॉर्म्स की गहराई से जांच के बाद Gemini को सबसे सक्षम पाया गया। कंपनी के मुताबिक, Gemini की एडवांस्ड रीजनिंग क्षमता और मजबूत क्लाउड सपोर्ट, भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजारों में iPhone, iPad और Mac यूजर्स को नए और बेहतर AI अनुभव देने में मदद करेगा।
इस पार्टनरशिप से भारतीय यूजर्स को बेहतर रीजनल भाषा सपोर्ट, ज्यादा स्मार्ट वॉइस असिस्टेंस और पावरफुल AI फीचर्स मिल सकते हैं। AI को तेजी से अपनाते भारत में Apple का यह कदम Android बेस्ड AI सिस्टम्स को कड़ी टक्कर देने वाला साबित हो सकता है।