भारत बना टेक एक्सपोर्टर, अब दुनिया खरीदेगी देसी 5G, देश के लिए गर्व की बात
India 5G Technology: भारत केवल तकनीक का उपभोक्ता माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। आज भारत न सिर्फ अपनी जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि दुनिया को भी टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट कर रहा है।
- Written By: सिमरन सिंह
5G Network (Source. Freepik)
Digital India: एक समय था जब भारत केवल तकनीक का उपभोक्ता माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। आज भारत न सिर्फ अपनी जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि दुनिया को भी टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट कर रहा है। खासकर स्वदेशी 4G और 5G तकनीक ने ग्लोबल मार्केट में एंट्री कर ली है, जो देश के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इस सफलता के पीछे भारत सरकार और C-DOT (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स) की अहम भूमिका रही है। यही वजह है कि अब भारत की तकनीक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से पहचान बना रही है।
दुनिया में गूंजा भारतीय 5G का नाम
भारतीय 5G तकनीक अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं रही। बेंगलुरु की कंपनी तेजस नेटवर्क्स ने इसे ग्लोबल स्तर पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार जापान, भूटान, श्रीलंका, तंजानिया और युगांडा जैसे देशों में भारतीय 4G-5G नेटवर्क के ट्रायल सफलतापूर्वक चल रहे हैं।
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इतना ही नहीं, दक्षिण एशिया के एक बड़े ऑपरेटर के साथ भी इसका परीक्षण पूरा किया जा चुका है। भूटान पहले से ही भारतीय टेलिकॉम उपकरणों का उपयोग कर रहा है, जो इस तकनीक की विश्वसनीयता को साबित करता है।
दुनिया को मिला चीन का मजबूत विकल्प
वैश्विक स्तर पर बदलते हालातों का फायदा भारत को मिल रहा है। अमेरिका और यूरोप जैसे देश सुरक्षा कारणों से चीनी कंपनियों के उपकरणों को हटाने लगे हैं। ऐसे में भारतीय तकनीक एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरी है।
तेजस नेटवर्क्स ने जापान की बड़ी कंपनियों NEC और Rakuten के साथ साझेदारी की है। इससे भारतीय तकनीक को अंतरराष्ट्रीय बाजार में और मजबूती मिलेगी। यह कदम न सिर्फ निर्यात बढ़ाएगा, बल्कि भारत की टेक्नोलॉजी इमेज को भी मजबूत करेगा।
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भारत के पास अब पूरी टेक्नोलॉजी चेन
अब भारत के पास अपना रेडियो एक्सेस नेटवर्क (RAN) और कोर प्रोडक्ट्स मौजूद हैं। यही वजह है कि दुनियाभर के मोबाइल ऑपरेटर्स भारतीय सिस्टम की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है।
6G की तैयारी भी शुरू
भारत सिर्फ 5G तक ही सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की तैयारी भी जोरों पर है। BSNL के लिए TCS और तेजस नेटवर्क्स ने मिलकर करीब 1 लाख स्वदेशी 4G साइट्स तैयार की हैं, जिन्हें आसानी से 5G में अपग्रेड किया जा सकता है।
इसके अलावा, वायरलेस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना भी की गई है, जहां 5G एडवांस और 6G तकनीक पर रिसर्च शुरू हो चुकी है। इससे साफ है कि भारत आने वाले समय में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
