

Indian Share Market Crash: घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत आज बहुत कमजोर रही है। BSE सेंसेक्स 253 अंकों की भारी गिरावट के साथ 79019 के स्तर पर खुला है। वहीं NSE निफ्टी भी 105 अंकों का नुकसान झेलते हुए 24470 पर आ गया है। यह गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के कारण आई है।
आज के कारोबार में प्रमुख IT कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई है। एचसीएल टेक के शेयर शुरुआती कारोबार में ही 8.62 प्रतिशत टूटकर 1317 रुपये पर आ गए। इन्फोसिस और टीसीएस के शेयरों में भी क्रमशः 2.79 प्रतिशत और 1.48 प्रतिशत की कमी आई।
Share Market के साथ-साथ आज भारतीय मुद्रा बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया आज 21 पैसे टूट गया है। इस गिरावट के बाद एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 93.71 रुपये के स्तर पर पहुंच गई है।
भारतीय Share Market पर आज अंतरराष्ट्रीय बाजारों का साफ असर देखने को मिल रहा है। गिफ्ट निफ्टी भी करीब 160 अंकों की गिरावट के साथ 24,421 पर कारोबार कर रहा है। अमेरिकी Share Market भी लाल निशान पर बंद हुए हैं जिससे निवेशकों का मनोबल टूटा है।
Share Market में इस घबराहट का एक बड़ा कारण वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव भी है। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी जारी रहने से बाजार में निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है।
आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजी ने अपने तिमाही नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने अपनी पिछली तिमाही में 10 प्रतिशत की मुनाफा वृद्धि दर्ज की है। इसके साथ ही कंपनी ने निवेशकों के लिए प्रति शेयर 24 रुपये का डिविडेंड भी घोषित किया है।
बुधवार सुबह एशियाई बाजारों में कारोबार का मिलाजुला रुख देखने को मिला है। जापान का निक्केई इंडेक्स 0.20 प्रतिशत बढ़ा जबकि टॉपिक्स में 0.62 प्रतिशत की गिरावट आई। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में भी 0.03 प्रतिशत की मामूली कमी दर्ज की गई है।
अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को भारी गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए थे। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 292 अंक टूटकर 49,149 के स्तर पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 भी 45 अंक गिरकर 7,064 पर आ गया जिससे वैश्विक मंदी की आशंका बढ़ी।
बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि Share Market का ट्रेंड अभी भी सकारात्मक बना हुआ है। यह काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगा। इसलिए निवेशकों को विदेशी घटनाओं और शांति वार्ता की खबरों पर नजर रखनी चाहिए।