WhatsApp में आया Incognito Mode, अब AI से पूछ सकेंगे दिल की बातें, न रिकॉर्ड होगा चैट न दिखेगी हिस्ट्री
WhatsApp Incognito Chat: प्राइवेट ब्राउज़िंग की बात आती है तो सबसे पहले Google Chrome के Incognito Mode का नाम सामने आता है, लेकिन इस प्राइवेसी वाला अनुभव अब WhatsApp पर भी आ रहा है।
- Written By: सिमरन सिंह
WhatsApp Incognito Chat (Source. WhatsApp Blog)
Meta AI Incognito Feature: जब भी प्राइवेट ब्राउज़िंग की बात आती है तो सबसे पहले Google Chrome के Incognito Mode का नाम सामने आता है, लेकिन इस प्राइवेसी वाला अनुभव के बदलने का समय आ गया है। क्योंकि जल्द ही WhatsApp अपने यूजर्स के लिए कुछ खास लाने वाला है। बता दें कि Meta के CEO Mark Zuckerberg ने Meta AI में एक नया Incognito Chat फीचर लॉन्च किया है। जिसका इस्तेमाल करके यूजर्स निजी बातचीत को पहले से ज्यादा सुरक्षित बना पाएंगे।
इसका सीधा मतलब है कि अब यूजर्स WhatsApp पर AI से बिना डर के पर्सनल सवाल पूछ सकेंगे क्योंकि कंपनी का कहना है कि इस चैट को कोई भी नहीं देख पाएगा। यहां तक कि Meta के कर्मचारी भी नहीं।
क्या है Meta AI का नया Incognito Chat फीचर?
मार्क जुकरबर्ग ने जो जानकारी दी है उसके अनुसार यह फीचर WhatsApp की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन टेक्नोलॉजी की तरह ही काम करेगा। जिसमें यूजर और AI के बीच होने वाली बातचीत पूरी तरह प्राइवेट रहने वाली है। कंपनी ने दावा किया है कि इस मोड में होने वाली चैट न तो Meta के सर्वर पर सेव होगी और न ही किसी कर्मचारी को दिखाई देगी। इससे यूजर्स को एक सेफ डिजिटल स्पेस मिलेगा जहां वे बिना झिझक अपनी निजी बातें भी शेयर कर पाएंगे।
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TEE टेक्नोलॉजी ने बढ़ाई सुरक्षा
Meta ने यह भी बताया है कि नया फीचर Trusted Execution Environment (TEE) टेक्नोलॉजी पर आधारित है। जिसको समझें तो AI रिक्वेस्ट को एक अलग और सुरक्षित सिस्टम में प्रोसेस किया जा रहा है। जिससे डेटा मेन सर्वर तक पहुंचेगा ही नहीं। इस फीचर की सबसे खास बात यह है कि जैसे ही यूजर चैट सेशन बंद करेगा वो पूरी बातचीत अपने आप डिलीट हो जाएगी। वहीं यह जानना जरूरी है कि यह फीचर दूसरे disappearing chat modes से काफी अलग है क्योंकि कई प्लेटफॉर्म्स पर डेटा कुछ समय तक सर्वर पर मौजूद रहता है लेकिन इस फीचर में कुछ भी स्टोर नहीं होगा।
आखिर क्यों पड़ी इस फीचर की जरूरत?
बताया जा रहा है कि AI अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। ऐसे में यूजर्स चाहते हैं कि उनकी निजी बातचीत सुरक्षित रहे। जिसको देखते हुए जुकरबर्ग ने भी कहा कि आने वाले समय में Personal Superintelligence का फायदा तभी मिलेगा जब लोग बिना डर के AI से खुलकर अपने मन की बात कर पाएंगे।
Meta का तो दावा यह भी है कि उसकी Superintelligence Labs दुनिया की पहली ऐसी AI लैब होने वाली है जो बिना server-side log retention के पूरी तरह प्राइवेट AI interaction उपलब्ध कराएंगी।
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भारत में कब मिलेगा नया फीचर?
बता दें कि Meta ने इस फीचर को सीमित बीटा यूजर्स के लिए रोलआउट कर दिया है। जिसके बाद अब WhatsApp और Meta AI ऐप के शुरुआती यूजर्स इसका इस्तेमाल कर पा रहे हैं। लेकिन अभी तक भारत में इसकी आधिकारिक लॉन्च डेट सामने नहीं आई है पर उम्मीद यह की जा रही है कि अगले कुछ हफ्तों में यह फीचर सभी यूजर्स तक आ जाएंगा।
