150 साल तक जी सकता है इंसान, AI को लेकर CEO की भविष्यवाणी ने मचाई हलचल
Dario Amodei AI statement: AI के आने के बाद से ही लोगों के मन में नौकरी के जाने का डर लगा रहता है और ज्यादातर चर्चा भी नौकरियों के खतरे पर ही केंद्रित रही है, लेकिन एक नए बयान सब को हैरान कर रहा है।
- Written By: सिमरन सिंह
Dario Amodei (Source. Social media)
AI Prediction 150 Years Life: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने के बाद से ही लोगों के मन में नौकरी के जाने का डर लगा रहता है और ज्यादातर चर्चा भी नौकरियों के खतरे पर ही केंद्रित रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर अब एक ऐसा बयान वायरल हो रहा है जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। Dario Amodei, जो AI कंपनी Anthropic के CEO हैं, उन्होंने दावा किया है कि अगर AI का सही इस्तेमाल इंसान करना सीख ले तो वह अपनी उम्र को 150 साल तक पहुंच सकता है।
AI बनेगा जीवन बढ़ाने वाला हथियार?
Dario Amodei Anthropic के CEO की सोच AI को लेकर बिलकुल हटकर है। CEO का कहना है कि AI का सही इस्तेमाल मानवता के लिए वरदान बन सकता है। Dario ने अपनी बातों में बताया है कि AI की मदद से इंसानों की औसत उम्र 150 साल तक पहुंचाई जा सकती है। उनका कहना है कि यह दावा सिर्फ कल्पना नहीं है यह समझ और अनुभव पर आधारित है। आपनी बात को लोगों को समझाने के लिए उन्होंने अपने आर्टिकल Machines of Loving Grace में इस पर विस्तार से बात की है।
बीमारियों का अंत? मेडिकल सेक्टर में 10x स्पीड
CEO ने अपनी आर्टिकल मशीन्स ऑफ लविंग ग्रेस में AI के बारें में समझते हुए कई दावे किए है, और अपनी बातों को मजबूती से रखते हुए उन्होंने अपनी बायोफिजिक्स में पढ़ाई और एक्सपीरियंस के आधार पर शब्दों को रखा है। Dario का साफतौर पर मानना यह है कि AI मेडिकल साइंस में आने वाले समय में इस तरह के चमत्कार करने वाली है जो आज सोचने पर नामुमकिन लगते हैं। जैसे:
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- AI मेडिकल सेक्टर में 10x की रफ्तार से काम करेगा।
- इंसानों में होने वाला कैंसर के लिए AI मरीज के DNA के आधार पर दवा तैयार करेगा जो सिर्फ कैंसर सेल्स को मारेगी शरीर को नहीं।
- दिमाग की कठिन संरचना को समझने में AI कुछ ही सालों में कई चीजों को डिकोड कर सकता है, जिससे याददाश्त खोने जैसी बीमारियां इतिहास बन जाएंगी।
- mRNA टेक्नोलॉजी और AI के मेल से भविष्य में किसी भी महामारी को रोकना आसान होगा।
10 साल में 100 साल की तरक्की
Amodei ने इस दौर को The Compressed 21st Century यानी सिमटी हुई 21वीं सदी नाम दिया है। इसमें CEO का मानना है कि वैज्ञानिक जो प्रगति अगले 50 से 100 साल में करता, वह AI के आने के बाद मात्र 10 साल में ही पूरी हो सकती है। उनका मानना है कि AI एक ऐसे नोबेल पुरस्कार विजेता की तरह काम करेगा जो जीव विज्ञान, गणित और इंजीनियरिंग में एक्सपर्ट्स होगा और कई मुश्किल डाटा को आसान कर सकता है।
गरीबी खत्म, लेकिन नौकरियों पर खतरा?
CEO का कहना है कि सिर्फ हेल्थकेयर ही नहीं, गरीबी पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। उनका मानना है कि:
- AI विकासशील देशों की GDP में 20% तक की सालाना बढ़ोतरी कर सकता है।
- AI से खेती और खाद-रसद को बेहतर बनाया जा सकता है और दुनिया से भुखमरी को खत्म किया जा सकता है।
- ग्रीन एनर्जी और कार्बन हटाने की तकनीकों में AI बड़ा बदलाव ला सकता है।
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जब काम नहीं होगा, तो इंसान क्या करेगा?
Amodei का मनना है कि AI नौकरियां खत्म कर सकता है। लेकिन उनका नजरिया इसको पॉजिटव तरीके से देखता हैं। उनकी सोच के अनुसार इंसान को काम के बजाय अपने शौक, रिश्तों के लिए समय मिलेगा। जिसके बाद सरकारों को अपने मॉडल में बदलाव करते हुए यूनिवर्सल बेसिक इनकम यानी UBI जैसे मॉडल को अपनाने होंगे जिससे बिना नौकरी के भी लोग सम्मान जीवन जी सकें।
खतरा या मौका?
इस पूरी सोच को समझने के बाद यही सवाल मन में आता है कि AI की तकनीक मानवता के लिए खतरा है या एक सुनहरा मौका? जिसका जवाब मिलने में अभी भी समय है लेकिन इतना तय है कि आने वाले समय में AI हमारे जीवन को पूरी तरह बदलने वाला एक टूल बन सकता है।
