Google ने लॉन्च किए दो नए सुरक्षा फीचर, अब एंड्रॉयड यूज़र्स की चैट होगी और भी सुरक्षित

Google Messages Update: Google ने अपने Messages ऐप के लिए दो नए सुरक्षा फीचर्स की घोषणा की है, Android Key Verifier जिसमें यूजर्स के लिए शानदार फीचर्स देखने को मिलने वाले है।
Google ने लॉन्च किए दो नए सुरक्षा फीचर, अब एंड्रॉयड यूज़र्स की चैट होगी और भी सुरक्षित
Google Messages Android Key Verifier में क्या है खास। (सौ. AI)
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Google Messages Android Key Verifier: Google ने अपने Messages ऐप के लिए दो नए सुरक्षा फीचर्स की घोषणा की है, जिनमें सबसे अहम है Android Key Verifier का लॉन्च। कंपनी का दावा है कि यह फीचर यूज़र्स को impersonation और fraud से बचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

Android Key Verifier क्या है?

पिछले साल प्रीव्यू के रूप में दिखाए जाने के बाद और इस साल मई में अधिक जानकारी साझा करने के बाद, अब Android Key Verifier को Android 10 और उससे ऊपर के सभी यूज़र्स के लिए रोल आउट किया गया है। यह सिस्टम QR कोड के ज़रिए यह सुनिश्चित करता है कि आपकी end-to-end एन्क्रिप्टेड चैट वास्तव में उसी व्यक्ति के साथ हो रही है, जिससे आप बात करना चाहते हैं। गूगल के मुताबिक, यह फीचर आपकी RCS (Rich Communication Services) चैट को और भी ज्यादा सुरक्षित बनाता है।

कैसे करें Key Verification?

इस फीचर का इस्तेमाल करना बेहद आसान है। आपको बस अपने Messages ऐप में किसी कॉन्टैक्ट की चैट खोलनी है, ऊपर उनके नाम पर टैप करना है और नीचे स्क्रॉल कर "Verify keys" विकल्प चुनना है। इसके बाद दोनों यूज़र्स को अपने-अपने डिवाइस पर यह प्रक्रिया करनी होगी। एक यूज़र "Your QR code" पर टैप करेगा, जबकि दूसरा "Scan contact’s QR code" चुनेगा। यह प्रक्रिया पूरी होने पर स्क्रीन पर "Keys verified" संदेश दिखाई देगा। अगर किसी कारणवश संपर्क की सुरक्षा कुंजी बदल जाती है, तो "Keys no longer verified" दिखेगा।

कब बदल सकती है आपकी Key?

गूगल ने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में Key बदलने के ये कारण हो सकते हैं:

  • यूज़र नया डिवाइस या SIM कार्ड लेता है।
  • Key की समय-सीमा (validity) खत्म हो जाती है।
  • एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल में अपडेट किया जाता है।

लेकिन कुछ दुर्भावनापूर्ण कारण भी हो सकते हैं, जैसे:

  • Man-in-the-middle अटैक: जब कोई हैकर शुरुआती Key एक्सचेंज को इंटरसेप्ट कर अपनी Key लगा देता है।
  • SIM swapping: जब कोई धोखेबाज़ टेलीकॉम कंपनी को यह विश्वास दिला देता है कि आपका नंबर उसकी SIM पर ट्रांसफर किया जाए।

स्पैम और फिशिंग से सुरक्षा

गूगल ने एक और सुरक्षा फीचर जोड़ा है अब अगर आपको कोई स्पैम मैसेज या खतरनाक लिंक भेजा जाता है, तो Google Messages आपको उस वेबसाइट पर जाने से रोक देगा। यूज़र केवल तभी उस साइट को एक्सेस कर सकेगा जब वह संदेश को "Not Spam" मार्क करेगा। यह नया सुरक्षा अपडेट अब वैश्विक स्तर पर लागू कर दिया गया है।

भविष्य में और सुरक्षा फीचर्स

गूगल ने कहा है कि आने वाले महीनों में Key Verifier पर आधारित और भी सुरक्षा लेयर्स जोड़ी जाएंगी, ताकि यूज़र्स को फ्रॉड, स्कैम और फिशिंग से पूरी तरह बचाया जा सके। साथ ही, यूज़र्स को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके फोन में Android System Key Verifier, Google Messages, और Google Contacts ऐप्स का नवीनतम वर्ज़न इंस्टॉल हो।

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