

Google Genie 4 AI: Google DeepMind ने Genie 4 AI पेश किया है जो टेक्स्ट प्रॉम्प्ट या फोटो की मदद से ऐसी डिजिटल दुनिया बना सकता है जिसमें यूजर खुद घूम-फिर सकता है। यह सामान्य AI वीडियो जनरेटर से अलग है क्योंकि इसमें सिर्फ दृश्य देखना नहीं बल्कि कैमरा घुमाना, किरदारों से बातचीत करना और अपनी पसंद के मुताबिक माहौल बदलना भी संभव बनाते है। वहीं कंपनी ने इसे फिलहाल रिसर्च प्रीव्यू के तौर पर सीमित टेस्टर्स के लिए जारी किया है।
इसको समझने के लिए मान लीजिए आप धुंध से ढकी झील, पानी पर बने छोटे प्लेटफॉर्म और सैक्सोफोन बजाते एक शख्स का दृश्य बनाना चाहते हैं। जिसमें Genie 4 को इसका विवरण देने पर AI उस माहौल को तैयार कर सकता है। इसके बाद कीबोर्ड की मदद से आगे बढ़ना, पीछे मुड़ना और कैमरे का एंगल बदलना संभव होता है।
इसकी खासियत यह है कि यूजर के आगे बढ़ने पर आसपास का दृश्य भी तैयार होता रहता है। जिसका सीधा मतलब है कि यह पहले से तैयार गेम के लेवल की तरह नहीं बल्कि AI द्वारा बनाई गई एक ऐसी दुनिया है जिसे यूजर एक्सप्लोर कर सकता है।
Genie 4 में यूजर टेक्स्ट के जरिए चलते-चलते बदलाव कर सकता है। इसको उदाहरण के तौर पर समझ तो किसी दृश्य में बारिश शुरू करने, नया किरदार जोड़ने या कैमरे का नजरिया बदलने का निर्देश दिया जा सकता है। Google ने इसको लेकर बताया है कि Gemini मॉडल इन बदलावों को आसपास के माहौल के अनुरूप रखने में मदद करते हैं।
इस बार आवाज भी एक अहम फीचर होने वाला है। जिसमें डिजिटल दुनिया में समुद्र की लहरों, पेड़ों से गुजरती हवा और दूसरे वातावरण से जुड़ी ध्वनियां तैयार की जा सकती हैं। वहीं किरदार आपस में बातचीत भी कर सकते हैं और यूजर के निर्देशों पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
Google के शुरुआती टेस्टर्स इस तकनीक को अलग-अलग कामों में आजमा रहे हैं। फिल्ममेकर शूटिंग से पहले कैमरा एंगल, लाइटिंग और डायलॉग की योजना बना सकते हैं। गेम डेवलपर्स को कोड लिखने से पहले अपने आइडिया का शुरुआती इंटरैक्टिव मॉडल तैयार करने में मदद मिल सकती है। रोबोटिक्स में भी सिम्युलेटेड वातावरण का इस्तेमाल करके मशीनों के काम करने के तरीके को परखने की संभावनाएं हैं।
Genie 4 अभी के लिए सीमित टेस्टिंग में है। Google इसे जल्द Project Genie के जरिए Google AI Ultra सब्सक्राइबर्स और चुनिंदा डेवलपर्स तक पहुंचाने की योजना बना रहा है। इच्छुक यूजर Project Genie की वेटलिस्ट में शामिल हो सकते हैं।
लेकिन तकनीक अभी शुरुआती चरण में है। लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर दृश्य की कुछ चीजें बदल सकती हैं या गायब हो सकती हैं। आवाज और स्क्रीन पर दिखने वाली गतिविधियों में भी हमेशा सटीक तालमेल नहीं रहता। Google के मुताबिक, इससे तैयार ऑडियो और वीडियो में AI कंटेंट की पहचान के लिए SynthID वॉटरमार्क शामिल होगा।