Grok AI (Source. X)
Elon Musk AI In Problem: एलन मस्क का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल Grok AI एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गया है। सुधार के तमाम दावों के बावजूद यह AI टूल खुलेआम अश्लील तस्वीरें बनाने से बाज नहीं आ रहा। हाल ही में सामने आई एक रिसर्च ने टेक्नोलॉजी की दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, Grok AI ने दो हफ्ते से भी कम समय में करीब 30 लाख अश्लील तस्वीरें जनरेट कीं, जिनमें से लगभग 23,000 तस्वीरों में बच्चे शामिल पाए गए।
यह चौंकाने वाला अनुमान Center for Countering Digital Hate (CCDH) की रिसर्च में सामने आया है। रिपोर्ट में बताया गया कि Grok AI का गलत इस्तेमाल करते हुए कुछ लोग अनजान व्यक्तियों और सेलिब्रिटीज़ की तस्वीरें अपलोड कर रहे हैं और उन्हें अश्लील रूप में बदलने के लिए प्रॉम्प्ट दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह AI टूल बिना किसी सख्त रोक के ऐसी तस्वीरें बना भी रहा है, जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है।
डिजिटल इंटेलिजेंस कंपनी Periton Intelligence के एनालिसिस के अनुसार, नए साल की शुरुआत के साथ ही यह ट्रेंड तेजी से वायरल हुआ। 2 जनवरी को यह अपने चरम पर पहुंच गया, जब एक ही दिन में 1,99,612 अलग-अलग रिक्वेस्ट दर्ज की गईं। CCDH ने 29 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 के बीच Grok AI द्वारा बनाए गए कंटेंट का पूरा असेसमेंट किया।
लगातार बढ़ते विवाद के बाद Grok AI सरकारों और आम लोगों के निशाने पर आ गया। अश्लील तस्वीरें सामने आने के बाद कंपनी ने 9 जनवरी को इमेज जेनरेशन फीचर को केवल पेड यूज़र्स तक सीमित कर दिया। इसके बाद UK के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने इस पूरे मामले को “घिनौना” और “शर्मनाक” करार दिया, जिसके बाद और सख्त पाबंदियां लगाई गईं।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए इंडोनेशिया और मलेशिया समेत कई देशों ने इस AI टूल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी है। CCDH का दावा है कि सिर्फ 11 दिनों में Grok AI हर 41 सेकंड में बच्चों से जुड़ी एक अश्लील तस्वीर बना रहा था, जो डिजिटल सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
X ने पिछले हफ्ते बयान जारी करते हुए कहा था: “हम X को सभी के लिए एक सुरक्षित प्लेटफ़ॉर्म बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और अश्लील कंटेंट के प्रति हमारी ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी जारी रहेगी”