Scam Alert: फेस्टिवल सीजन में साइबर ठग एक्टिव, बधाई संदेश के पीछे छिपा बड़ा खतरा

Hidden Cyber Scams In WhatsApp: साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। ठग लोगों को ठगने के नए-नए तरीके खोज रहे हैं। खासतौर पर फेस्टिवल सीजन में उनकी गतिविधियां और तेज हो जाती हैं।
फेस्टिवल सीजन में साइबर ठग एक्टिव, बधाई संदेश के पीछे छिपा बड़ा खतरा
Scam से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान। (सौ. yandex)
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Happy New Year Scams: देश में साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। साइबर क्रिमिनल्स हर दिन लोगों को ठगने के नए-नए तरीके खोज रहे हैं। खासतौर पर फेस्टिवल सीजन में उनकी गतिविधियां और तेज हो जाती हैं। त्योहारों के दौरान बधाई संदेश, गिफ्ट ऑफर और खास स्कीम्स के नाम पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। साइबर पुलिस ने इसे लेकर आम जनता के लिए सख्त चेतावनी जारी की है।

गिफ्ट और बधाई संदेश के नाम पर ठगी

साइबर पुलिस के अनुसार, ठग अब बधाई संदेशों और फ्री गिफ्ट के लालच में लोगों को फर्जी लिंक भेज रहे हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इन लिंक पर क्लिक करता है, उसकी निजी जानकारी खतरे में पड़ जाती है। इसी को देखते हुए साइबर अपराध शाखा ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध मैसेज या लिंक से दूरी बनाए रखें।

बधाई संदेश पर क्लिक करना पड़ सकता है भारी

साइबर अपराध से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अब ठग एक साथ बड़ी संख्या में लोगों को टारगेट कर रहे हैं। क्रिसमस और नववर्ष जैसे मौकों पर बधाई संदेशों की बाढ़ आ जाती है, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठाते हैं। वे आकर्षक संदेश भेजकर लोगों को लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसाते हैं और फिर ठगी को अंजाम देते हैं।

अज्ञात लिंक से बचना ही सबसे बड़ा बचाव

विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी लुभावने ऑफर, इनाम या सरकारी योजना के नाम पर आए संदेशों से सतर्क रहें। अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से आपकी डिवाइस में मालवेयर या वायरस जा सकता है, जिससे बैंक डिटेल्स, पासवर्ड और निजी डेटा चोरी हो सकता है। हाल के दिनों में केंद्र सरकार की योजनाओं के नाम पर भी साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं।

डिजिटल अरेस्ट जैसे नए तरीके से ठगी

एडिशनल पुलिस कमिश्नर के अनुसार, उनकी टीम न सिर्फ साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए लगातार काम कर रही है, बल्कि लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि त्योहारों के समय "डिजिटल अरेस्ट" जैसे नए तरीकों से लोगों को डराकर ठगा जा रहा है। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करना चाहिए।

सरकार की पहल और शिकायत का तरीका

साइबर अपराधों से निपटने के लिए गृह मंत्रालय ने भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र (I4C) की स्थापना की है। इसके अलावा सरकार ने संचार साथी वेबसाइट पर चक्षु पोर्टल भी लॉन्च किया है, जहां ऑनलाइन ठगी या संदिग्ध गतिविधि की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे मजबूत हथियार है।

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