Cyber Fraud: खुद को बताया दिल्ली हवाई अड्डे का अधिकारी, और उद्योगपति के अकाउंट से उड़ा लिए 1 करोड़

रजनीश आहूजा को व्हाट्सऐप पर एक कॉल आई और कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली हवाई अड्डे का अधिकारी बताया। आहूजा को बताया गया कि उनके द्वारा भेजा गया एक कूरियर दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जब्त किया गया है जिसमें 16 पासपोर्ट और 58 एटीएम कार्ड हैं।
Cyber thug scams 1 crore rupees from a businessman
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लुधियाना : पंजाब में जालसाजों ने एक उद्योगपति से कथित रूप से 1.01 करोड़ रुपये की ठगी की है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सराभा नगर निवासी और वाहनों के कल पुरजे बनाने वाली इकाई के मालिक रजनीश आहूजा को व्हाट्सऐप पर एक कॉल आई और कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली हवाई अड्डे का अधिकारी बताया।

आहूजा को बताया गया कि उनके द्वारा भेजा गया एक कूरियर दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जब्त किया गया है जिसमें 16 पासपोर्ट और 58 एटीएम कार्ड हैं तथा संजय सिंह नामक व्यक्ति को हवाई अड्डे पर कूरियर के साथ पकड़ा गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फोन करने वाले ने दावा किया कि संजय सिंह ने स्वीकार किया है कि किसी से रंगदारी के तौर पर वसूले गए 38 करोड़ रुपये आहूजा के बैंक खाते में जमा किए गए हैं।

मामला दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर करने की कहा बात

जब आहूजा ने कोई भी पार्सल भेजने से इनकार किया तो फोन करने वाले ने कहा कि हो सकता है कि पार्सल भेजने के लिए उनकी आईडी का दुरुपयोग किया गया हो और मामला दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि कुछ मिनट बाद पीड़ित को एक अन्य नंबर से कॉल आई और कॉल करने वाले ने खुद की पहचान दिल्ली पुलिस में कार्यरत सुनील कुमार के तौर पर बताई। फोन करने वाले ने आहूजा से कहा कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है तथा कूरियर भेजने तथा बैंक खाते में रंगदारी रकम प्राप्त करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

डराने और ब्लैकमेल करने के लिए भेजा फर्जी गिरफ्तारी वारंट

पुलिस ने बताया कि आहूजा को डराने और ब्लैकमेल करने के लिए उन्हें फर्जी गिरफ्तारी वारंट भी भेजा गया था। कानूनी कार्रवाई के डर से आहूजा ने जालसाजों द्वारा बताए गए बैंक खातों में क्रमश: 86 लाख रुपये और 15 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद पीड़ित को एक नए नंबर से फिर कॉल आई और कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। आहूजा को बताया गया कि उन्हें निर्दोष पाया गया है और पैसा वापस कर दिया जाएगा। हालांकि, पुलिस ने बताया कि उन्हें अपना पैसा वापस नहीं मिला। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने उन बैंक खातों में लेन-देन पर रोक लगवा दी, जिनमें पीड़ित ने पैसे भेजे थे और मामला दर्ज कर लिया गया है।

एजेंसी इंपुट के साथ। 

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