बिना कार्ड और OTP के खाली हुआ बैंक अकाउंट, झारखंड में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला
Jharkhand fraud: साइबर अपराधी कमाई पर डाका डालने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं। हाल ही में झारखंड में ठगों ने एक बुज़ुर्ग महिला का बैंक खाता बिना एटीएम कार्ड और बिना ओटीपी के ही खाली कर दिया।
- Written By: सिमरन सिंह
Cyber Crime का आया नया केस। (सौ. AI)
Cyber fraud Jharkhand: साइबर अपराधी लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डालने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। हाल ही में झारखंड से सामने आया एक मामला सभी को हैरान कर देने वाला है। यहां ठगों ने एक बुज़ुर्ग महिला का बैंक खाता बिना एटीएम कार्ड और बिना ओटीपी के ही खाली कर दिया।
झारखंड में बुज़ुर्ग महिला से 10 हज़ार की ठगी
इंडिया टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड के गढ़वा ज़िले में रहने वाली एक बुज़ुर्ग महिला के खाते से साइबर ठगों ने 10 हज़ार रुपये उड़ा लिए। आरोपियों ने खुद को पीएम किसान योजना का अधिकारी बताकर महिला को लाभ दिलाने का झांसा दिया और धोखे से उनकी आंखों का स्कैन कर डाला। स्कैन के जरिए ठगों ने महिला के बैंक अकाउंट तक पहुंच बनाई और रकम निकाल ली। जब महिला बैंक पहुंची तो उन्हें अपने खाते से पैसे गायब होने का पता चला।
कैसे हुई ठगी की वारदात?
आजकल अधिकांश बैंक खाते आधार कार्ड से लिंक रहते हैं। ऐसे में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन—जैसे कि फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन—के जरिए पैसा निकाला जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, ठगों ने महिला का आधार नंबर जुटाया और फिर उनकी आंखों का स्कैन कर अकाउंट से 10 हज़ार रुपये निकाल लिए। यह मामला इस बात का संकेत है कि साइबर अपराधी अब लोगों के बायोमेट्रिक डेटा तक पहुंच बनाकर ठगी कर रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर: कोयले को ‘कचरा’ बताकर हेराफेरी का खेल, डुमरी साइडिंग पर CBI; रेलवे और वेकोलि की संयुक्त छापेमारी
डिजिटल गिरफ्तारी और फर्जी ट्रेडिंग ऐप गिरोह पर साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पीड़ितों को लौटाए 26.97 लाख रुपये
छत्रपति संभाजीनगर: ईडी और पुलिस का डर दिखाकर रिटायर्ड प्रोफेसर से 32.5 लाख की ठगी; गुजरात से 2 आरोपी गिरफ्तार
अमरावती में ऑनलाइन कार इंश्योरेंस सर्च करते ही फोन हुआ हैंग, साइबर ठगों ने बैंक खाते से उड़ाए 98 हजार रुपये
ऐसे रखें खुद को सुरक्षित
आधार कार्ड के साथ सतर्कता बरतें – निजी दस्तावेज़, खासकर आधार कार्ड किसी को भी न दें। ज़रूरत पड़ने पर UIDAI की वेबसाइट से वर्चुअल आधार नंबर (VID) का इस्तेमाल करें।
- बायोमेट्रिक लॉक करें: UIDAI पोर्टल पर बायोमेट्रिक जानकारी को लॉक करने की सुविधा उपलब्ध है। इससे कोई भी आपकी फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन का दुरुपयोग नहीं कर पाएगा। हालांकि, जब भी बायोमेट्रिक सेवा की ज़रूरत हो, आपको इसे अस्थायी रूप से अनलॉक करना होगा और बाद में पुनः लॉक करना चाहिए।
- अनजान लोगों से सतर्क रहें: किसी भी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर आने वाले अनजान व्यक्तियों पर भरोसा न करें और तुरंत पुलिस या बैंक को सूचित करें।
ये भी पढ़े: Samsung Galaxy Event 2025: सितंबर में होगा धमाकेदार लॉन्च, नए स्मार्टफोन और टैबलेट्स की होगी एंट्री
ध्यान देंने वाली बात
यह मामला इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि साइबर ठग अब तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर लोगों की पहचान और बैंकिंग जानकारी चुरा रहे हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि लोग जागरूक रहें, अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखें और समय-समय पर सुरक्षा फीचर्स का इस्तेमाल करें।
