अब बच्चे नहीं चला पाएंगे सोशल मीडिया, फ्रांस में 15 साल से कम उम्र पर बड़ा बैन

Social Media Ban: बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाने वाले देशों की सूची में अब फ्रांस का नाम भी जुड़ने जा रहा है। फ्रांस की नेशनल असेंबली ने 15 साल से कम उम्र के लिए सोशल मीडिया बंद कर दिया है।
Children will no longer be able to use social media; France imposes a major ban on those under 15 years of age.
Social Media (Source. Freepik)
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France Children Social Media Ban: बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाने वाले देशों की सूची में अब फ्रांस का नाम भी जुड़ने जा रहा है। फ्रांस की नेशनल असेंबली ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने वाले बिल को मंजूरी दे दी है। इस बिल में बच्चों के लिए सोशल नेटवर्क्स और सोशल नेटवर्किंग से जुड़ी सभी फंक्शनलिटीज को बैन करने का प्रस्ताव रखा गया है। अब यह बिल सीनेट में भेजा जाएगा और वहां से पास होते ही कानून का रूप ले लेगा।

कानून लागू हुआ तो क्या बदलेगा?

अगर यह बिल कानून बन जाता है, तो फ्रांस में 15 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। यानी फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म्स बच्चों की पहुंच से बाहर हो जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई और सामाजिक व्यवहार में सुधार आएगा।

ऑस्ट्रेलिया के रास्ते पर फ्रांस

फ्रांस का यह कदम ऑस्ट्रेलिया से प्रेरित माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया में पहले से ही 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पाबंदी है। अब फ्रांस भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पहले भी कई मौकों पर युवाओं में बढ़ती हिंसा और मानसिक दबाव के लिए सोशल मीडिया को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं। अपने नए साल के संबोधन में उन्होंने माता-पिता से अपील की थी कि वे अपने बच्चों को सोशल मीडिया और स्क्रीन से दूर रखें।

सितंबर से लागू करने की तैयारी

मैक्रों चाहते हैं कि यह कानून सितंबर में नए एकेडमिक सेशन की शुरुआत से पहले ही लागू कर दिया जाए। इस बिल को पेश करते हुए Laure Miller ने कहा, "हम क्लियर बाउंड्री सेट करना चाहते हैं। हमारे बच्चे पढ़ कम रहे हैं, सो कम रहे हैं, लेकिन खुद को एक-दूसरे से कंपेयर ज्यादा कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "यह फ्री माइंड के लिए लड़ाई है।"

दुनिया के दूसरे देश भी सोच रहे हैं बैन पर

फ्रांस अकेला देश नहीं है जो इस तरह का कदम उठा रहा है। ऑस्ट्रेलिया के बाद अब ब्रिटेन, डेनमार्क, स्पेन और ग्रीस जैसे देश भी बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने पर विचार कर रहे हैं। इतना ही नहीं, यूरोपीय संसद ने भी यूरोपीय संघ से बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस करने की न्यूनतम उम्र तय करने की मांग की है।

माता-पिता के लिए क्या है संदेश?

सरकारों का साफ मानना है कि बिना किसी नियंत्रण के सोशल मीडिया बच्चों की सोच, नींद और पढ़ाई पर नकारात्मक असर डाल रहा है। ऐसे में यह फैसले बच्चों के बेहतर भविष्य और मानसिक स्वतंत्रता की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।