भारत में बना iPhone क्यों मचा रहा विदेशों में धूम, इतनी हुई बिक्री

अब तो ऐसी स्थिति हो गई है कि Apple के स्मार्टफोन ने पिछले कई रिकॉर्ड्स को भी तोड़ दिया है और इस साल के पहले 7 महीनों में Apple ने 60 हजार करोड़ रुपए यानी कि लगभग 7 बिलियन डॉलर्स का आंकड़ा छू लिया है।
iPhone
iPhone की भारत में आने से कई बदलाव देखें गए है। (सौ. Freepik)
Updated on

नवभारत डिजिटल डेस्क. Apple iPhone की दीवानगी हद से ज्यादा बढ़ती जा रही है। नए iPhone के आते ही लोग खरीदने के लिए लंबी लाइनों में लगने के लिए तैयार हैं। अब तो ऐसी स्थिति हो गई है कि Apple के स्मार्टफोन ने पिछले कई रिकॉर्ड्स को भी तोड़ दिया है और इस साल के पहले 7 महीनों में Apple ने 60 हजार करोड़ रुपए यानी कि लगभग 7 बिलियन डॉलर्स का आंकड़ा छू लिया है।

भारत में iPhone की मैन्युफैक्चरिंग

भारत सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम के बाद जब Apple ने भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग को शिफ्ट किया, तो अक्टूबर 2024 में स्थानीय स्तर पर Apple ने iPhone 16 Pro और Pro Max को भी मैन्युफैक्चरिंग में शामिल किया। इसके बाद Apple भारत में सिर्फ iPhone 14, 15 और 16 ही नहीं बल्कि Pro और Pro Max मॉडल को भी एक्सपोर्ट कर रहा है। Pro और Pro Max मॉडल की कीमत डॉलर में आने वाले मॉडल की तुलना में लगभग 1.5 से 2 गुना ज्यादा है।

टैबलेट और 5G सेगमेंट का क्या है हाल?

रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 तक Apple अपनी ग्लोबल iPhone यूनिट को इंडिया में शिफ्ट करने वाला है। मार्केट रिसर्च फर्म साइबर मार्केटिंग रिसर्च यानी कि CMR ने कहा है कि जुलाई से सितंबर तिमाही में भारतीय बाजार के टैबलेट बाजार में भी सहारा ना आधार पर 46% की बढ़ोतरी देखी जाएगी। इस सेगमेंट में 34 फीसदी हिस्सेदारी Apple और iPad की होने वाली है। इसी के साथ 20 से 30 हजार की कीमत वाले टैबलेट 108 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ बढ़ने वाले हैं।

रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि सैमसंग और वीवो की हिस्सेदारी कट सकती है और दूसरी तरफ ओप्पो का सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है। पिछले साल 5G स्मार्टफोन की हिस्सेदारी 57 प्रतिशत रही थी, जो अब बढ़कर 83 हो चुकी है, लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि 5G स्मार्टफोन का एवरेज सेलिंग प्राइस सालाना 20% से घटकर 24,600 ही रह गया है।

Navbharat Live
navbharatlive.com