AI बताएगा फोन करने वाला ठग तो नहीं, OTP की जगह मोबाइल पर आएगा ePNV
Google Updates: गूगल ने एआई इवेंट में कई ऐलान किए। कंपनी के अनुसार पिक्सल डिवाइस पर रियल टाइम स्कैम डिटेक्शन की सुविधा जल्द मिलेगी।
- Written By: रंजन कुमार
फ्रॉड कॉल की जानकारी देेगा एआई। इमेज-एआई
Google AI Event: गूगल ने दिल्ली में सेफ एंड ट्रस्टेड एआई इवेंट किया। इसमें कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सुरक्षित बनाने और लोगों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए आए अपडेट की जानकारियां दीं। कंपनी खासकर पर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों पर ध्यान दे रहा है।
अब गूगल के पिक्सल डिवाइस पर कॉल के दौरान रियल टाइम स्कैम डिटेक्शन पता चलेगा। यह सुविधा जेमिनी नैनो पर आधारित है। इसके तहत डिवाइस यानी फोन पर ही संदिग्ध पैटर्न का एनालिस होता और स्कैम की आशंका होने पर यूजर को अलर्ट भेजा जाता है। इसमें ऑडियो रिकॉर्ड नहीं होता और न डेटा गूगल के साथ शेयर होता है।
नए सेफ्टी अपडेट्स की घोषणा
इस इवेंट में गूगल ने भारत के लिए नए AI सेफ्टी अपडेट्स का ऐलान किया। नए फीचर्स में वित्तीय ऐप जैसे-Google Pay, Paytm या Navi के लिए सुरक्षा, SMS OTP की जगह लेने वाली नई सुरक्षित तकनीक और SynthID AI वॉटरमार्किंग डिटेक्शन टूल को बढ़ावा देना है। कंपनी ने कहा कि ये अपडेट AI को इस्तेमाल करने में ज्यादा सुरक्षित बनाएंगे। गूगल ने ब्लॉग पोस्ट में इन अपडेट्स के बारे में बताया। गूगल पोस्ट के अनुसार, कंपनी का लक्ष्य लोगों को ऑनलाइन स्कैम से होने वाले नुकसान से बचाना, कंपनियों के लिए मजबूत प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा टूल्स बनाना और ऐसे AI मॉडल बनाना है, जो सबके लिए सही हों।
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रियल टाइम स्कैम डिटेक्शन
कंपनी ने बताया कि Gemini Nano के जरिए रियल टाइम स्कैम डिटेक्शन फीचर Pixel स्मार्टफोन्स पर उपलब्ध हो रहा। यह फीचर फोन पर ठगों को पहचानता है। यह फीचर ऑडियो रिकॉर्ड नहीं करता और न ट्रांसक्रिप्ट बनाता है। आपका कोई डेटा गूगल को नहीं भेजा जाता। खास बात है कि यह फीचर डिफॉल्ट रूप से बंद रहता है। मतलब इसे खुद चालू करना होगा।
AI कंटेंट पहचानना हो जाएगा आसान
गूगल प्ले प्रोटेक्ट ने 11.5 करोड़ से ज्यादा बार ऐसे ऐप को इंस्टॉल होने से रोका है, जो जानकारियों का गलत इस्तेमाल करते हैं। बात दें, SynthID गूगल की AI वॉटरमार्किंग और डिटेक्शन टेक्नोलॉजी है। अब इसे अकादमिक संस्थानों, शोधकर्ताओं और मीडिया प्रकाशकों के लिए उपलब्ध कराया जा रहा। मतलब AI से बनाए गए कंटेंट की पहचान करना आसान होगा। यह सब भारत में AI के बढ़ते इस्तेमाल और उससे जुड़े सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए किया जा रहा। कंपनी का उद्देश्य है भारतीय यूजर AI का सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से इस्तेमाल कर सकें।
स्क्रीन शेयरिंग के दौरान मिलेगा अलर्ट
गूगल, Google Pay डिवीजन और Navi, Paytm जैसे ऐप के साथ मिलकर नया स्क्रीन शेयरिंग स्कैम अलर्ट फीचर शुरू कर रहा। यह फीचर Android 11 और उससे नए वर्जन पर काम करेगा। कोई यूजर अनजान व्यक्ति के साथ कॉल पर स्क्रीन शेयर करते हुए इन ऐप में से किसी को खोलता है तो उसे अलर्ट दिखेगा। यह फीचर लोगों को स्क्रीन शेयरिंग के दौरान होने वाले घोटालों से बचाने में मदद करेगा।
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OTP की जगह आएगा ePNV
गूगल नए एंड्रॉयड बेस्ड सुरक्षा प्रोटोकॉल पर भी काम कर रहा है। इसे Enhanced Phone Number Verification (ePNV) कहते हैं। यह SMS OTP सिस्टम की जगह आएगा। कंपनी के अनुसार यह सुरक्षित और SIM आधारित जांच है, जो OTP से जुड़े खतरों को खत्म करती है। यह तरीका फोन नंबर के वेरिफिकेशन के लिए ज्यादा सुरक्षित होगा।
