Ashwini Vaishnaw AI Vision (Source. PIB)
Ashwini Vaishnaw AI Vision: नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के तीसरे दिन भारत ने वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जिम्मेदार उपयोग को लेकर अपनी स्पष्ट और मजबूत सोच दुनिया के सामने रखी। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कहा कि भारत की “Responsible Innovation” की सोच आने वाले समय में वैश्विक AI यात्रा के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी।
उन्होंने उद्घाटन सत्र में कहा, “As we move forward and set the agenda beyond this Impact Summit, the outcomes of these working groups spanning seven cross-cutting themes will serve as guiding lights for our journey ahead. They will shape how we collaborate, innovate, and build responsible AI ecosystems in the days to come.” यह बयान स्पष्ट करता है कि भारत केवल टेक्नोलॉजी विकसित करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ AI इकोसिस्टम तैयार करेगा।
इस समिट में एजेंडा को “People, Planet and Progress” के सिद्धांतों पर आधारित सात थीमैटिक वर्किंग ग्रुप्स (चक्र) में बांटा गया। इन समूहों ने कई महीनों तक विचार-विमर्श कर ठोस सुझाव और कार्ययोजना तैयार की है।
इन सात चक्रों में मानव संसाधन विकास, सामाजिक सशक्तिकरण, सुरक्षित और भरोसेमंद AI, लचीलापन, नवाचार एवं दक्षता, विज्ञान, AI संसाधनों का लोकतंत्रीकरण और आर्थिक विकास एवं सामाजिक भलाई जैसे अहम विषय शामिल हैं। इन समूहों में सरकार, शिक्षाविदों, उद्योग जगत, सिविल सोसायटी और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के विशेषज्ञ शामिल रहे, जिन्होंने प्रमाण-आधारित संवाद के जरिए नीतिगत ढांचा तैयार किया।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव S. Krishnan ने कहा, “We approach this moment with cautious optimism embracing AI’s potential while remaining mindful of risks, standards, governance, and, most importantly, ensuring that all global voices are empowered in shaping the AI discourse.” इस बयान से साफ है कि सरकार AI के फायदों को अपनाने के साथ-साथ उसके जोखिम, मानक और शासन व्यवस्था पर भी गंभीरता से ध्यान दे रही है।
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उद्घाटन सत्र के बाद बंद कमरे में हितधारकों के साथ विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें वर्किंग ग्रुप्स की सिफारिशों पर गहन विचार किया गया। आने वाले दिनों में इन सुझावों को औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। भारत का यह कदम न केवल वैश्विक AI नीति को दिशा देगा, बल्कि देश के गरीब और मध्यम वर्ग के लिए रोजगार, शिक्षा और डिजिटल अवसरों के नए दरवाजे भी खोल सकता है।