ब्रेकअप तक पहुंचा Artificial Intelligence, AI गॉडफादर जेफ्री हिंटन का बड़ा खुलासा

Artificial Intelligence Dangers: AI दफ्तर में ही नहीं बच्चों के होमवर्क में ही मददगार है, लेकिन अब कहा जा रहा है कि एक लड़की ने Breakup करने के लिए AI का इस्तेमाल किया।
ब्रेकअप तक पहुंचा Artificial Intelligence, AI गॉडफादर जेफ्री हिंटन का बड़ा खुलासा
AI ने कराया Breakup. (सौ. AI)
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AI Breakup: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल दफ्तर के काम या बच्चों के होमवर्क में ही मददगार नहीं रहा, बल्कि यह लोगों की निजी जिंदगी तक गहराई से प्रवेश कर चुका है। खासतौर पर रिश्तों और ब्रेकअप जैसे बेहद व्यक्तिगत मामलों में भी अब लोग AI का सहारा लेने लगे हैं। हाल ही में AI गॉडफादर कहे जाने वाले जेफ्री हिंटन ने एक ऐसा खुलासा किया जिसने सबको चौंका दिया। उन्होंने बताया कि उनकी गर्लफ्रेंड ने उनसे रिश्ता तोड़ने के लिए ChatGPT की मदद ली थी।

जेफ्री हिंटन का चौंकाने वाला अनुभव

फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में जेफ्री हिंटन ने बताया, "उसने ChatGPT से मुझे यह बताने के लिए कहा कि मैं कितना बुरा व्यवहार करता हूं। मुझे नहीं लगा कि मैं कोई बुरा व्यवहार कर रहा हूं, इसलिए मुझे बहुत बुरा नहीं लगा। मैं किसी ऐसे व्यक्ति से मिला जो मुझे ज्यादा पसंद आया।" यह बयान न केवल व्यक्तिगत स्तर पर चौंकाने वाला है बल्कि यह भी दर्शाता है कि AI अब रिश्तों के नाजुक पहलुओं को भी प्रभावित कर रहा है।

निजी रिश्तों में AI की भूमिका

आज की युवा पीढ़ी के बीच चैटबॉट्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।

  • ब्रेकअप मैसेज लिखने के लिए
  • जटिल भावनाओं को व्यक्त करने में
  • यहां तक कि तलाक से जुड़े मामलों को सुलझाने में भी

AI अब इंसानी रिश्तों की अभिव्यक्ति और संवाद का हिस्सा बन चुका है।

AI से बढ़ते खतरे की चेतावनी

जेफ्री हिंटन, जिन्होंने न्यूरल नेटवर्क रिसर्च और AI मॉडल्स के विकास में अहम योगदान दिया है, ने यह भी चेताया कि AI का विकास बेहद तेजी से हो रहा है।

  • जल्द ही AI इंसानों की क्षमताओं को पीछे छोड़ सकता है।
  • AI का गलत इस्तेमाल इंसानियत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
  • हिंटन ने हाल ही में कहा था कि AI इंसानों को परमाणु बम बनाने तक में मददगार साबित हो सकता है।

ध्यान दें

जेफ्री हिंटन का यह अनुभव बताता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। लेकिन साथ ही यह चिंता भी पैदा करता है कि कहीं यह इंसानी रिश्तों और मानवता के भविष्य के लिए खतरनाक न साबित हो।