अनोखा: देश का एक ऐसा शहर जहां दिवाली में पटाखे नहीं छोड़े जाते बल्कि उड़ाते हैं पतंग
- Written By: वैष्णवी वंजारी
नई दिल्ली: जहां पुरे भारत में दिवाली का यह पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है वही हमारे देश में एक ऐसा शहर है जहां दीवाली पर पटाखें नहीं फोड़े जाते बल्कि पतंग उड़ाई जाती है। हम सब जानते है दीवाली का यह त्यौहार 5 दिवसीय होता है। हर एक दिन बहुत विविधता के साथ मनाया जाता है, साथ ही इसका महत्व अधिक होता है।
दिवाली पर पटाखे फोड़ना यह आम बात है लेकिन पतंग उड़ाना यह बात आपने शायद कभी ना सुना हो। लेकिन यह सच है जी हा हमारे देश में एक ऐसा शहर है। जहां गोवर्धन पूजा के दिन पतंग उड़ाई जाती है। चलिए जानते है यह कौनसा शहर है और पतंग उड़ाने के पीछे क्या मान्यता है।
जानें कहां उड़ाई जाती है पतंग
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में दिवाली के अगले दिन यानी गोवर्धन पूजा के दिन पतंग उड़ाई जाती है। वैसे देशभर के अन्य हिस्सों में मकर संक्रांति को पतंग उड़ाई जाती है। हालांकि कई शहरों में अक्षय तृतीया, 15 अगस्त को भी पतंग उड़ाने जाने का रिवाज है, लेकिन लखनऊ और उसके आस-पास का क्षेत्र में दिवाली के दिन पतंग उड़ाता है।
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क्या है जमघट
बता दें कि दिवाली के अगले दिन लखनऊ में जमघट नाम का फेस्टिवल सेलिब्रेट किया जाता है। इस जमघट त्यौहार में बहुत इंजॉय किया जाता है और पतंगबाजी की जाती है, यहां लोग बस पतंगबाजी ही नहीं करते हैं, बल्कि इसके कई तरह के कॉम्पिटिशन भी शहर में आयोजित किए जाते हैं। यहां अलग-अलग जगह के लोग पतंग उड़ाते हैं और पेच लड़ाने को लेकर काफी कॉम्पिटिशन होते हैं। यहां गोवर्धन के दिन पतंगबाजी का काफी क्रेज होता है।
पतंगबाजी नवाबों का शौक
सदियों से कहा जाता है कि पतंगबाजी नवाबों का शौक है। कहा जाता है कि नवाबों के दौर में पतंगें दुल्हन की तरह सजाई जाती थीं, जिनमें अक्सर सोने और चांदी के तारों की झलझली बंधी होती थी। ये पतंगे जिसकी छत पर कट कर गिरती थीं। उसके घर उस दिन पुलाव बनता था। लखनऊ में पतंग के टूर्नामेंट भी होते रहे हैं जिसमें बढ़-चढ़कर लोग हिस्सा लेते रहे हैं।
ऐसे में लखनऊ के रहने वाले लोगों को कहना है कि वो इस दिन का लंबे समय से इंतजार करते हैं। जो लोग घर से बाहर रहते हैं, वो भी इस दिन के लिए जरूर आते हैं और पतंगबाजी का मजा लेते हैं। जमघट का यह त्यौहार बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।
