हिजाब को मंजूरी लेकिन बिंदी-तिलक पर बैन? लेंसकार्ट के लीक डॉक्यूमेंट से मचा बवाल- VIDEO
Lenskart Controversy: दिग्गज स्टार्टअप कंपनी लेंसकार्ट इस समय सोशल मीडिया पर एक बड़े विवाद के केंद्र में है। विवाद की शुरुआत कंपनी के एक कथित ग्रूमिंग गाइड (ड्रेस कोड) दस्तावेज के लीक से हुई।
- Written By: मनोज आर्या
Lenskart Controversy: चश्मा बनाने वाली दिग्गज स्टार्टअप कंपनी लेंसकार्ट इस समय सोशल मीडिया पर एक बड़े विवाद के केंद्र में है। विवाद की शुरुआत कंपनी के एक कथित ग्रूमिंग गाइड (ड्रेस कोड) दस्तावेज के लीक होने से हुई, जिसमें कर्मचारियों के लिए बिंदी, तिलक और कलावा पहनने पर पाबंदी की बात कही गई थी, जबकि हिजाब और पगड़ी पहनने की अनुमति दी गई थी। इस लीक डॉक्यूमेंट ने इंटरनेट पर धार्मिक भेदभाव की बहस छेड़ दी है, जिसके बाद ट्विटर (X) पर बॉयकॉट लेंसकार्ट ट्रेंड करने लगा। विवाद को बढ़ता देख लेंसकार्ट के संस्थापक और सीईओ पीयूष बंसल ने सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि वायरल हो रहा दस्तावेज पुराना (आउटडेटेड) है और कंपनी की वर्तमान नीतियों को नहीं दर्शाता। बंसल ने माफी मांगते हुए कहा कि लेंसकार्ट में बिंदी या तिलक सहित किसी भी धार्मिक अभिव्यक्ति पर कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कंपनी के हजारों कर्मचारी अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ काम करते हैं। हालांकि, पीयूष बंसल की इस सफाई के बावजूद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है और कई यूजर्स इसे कंपनी का ‘दोहरा मापदंड’ बता रहे हैं।
Lenskart Controversy: चश्मा बनाने वाली दिग्गज स्टार्टअप कंपनी लेंसकार्ट इस समय सोशल मीडिया पर एक बड़े विवाद के केंद्र में है। विवाद की शुरुआत कंपनी के एक कथित ग्रूमिंग गाइड (ड्रेस कोड) दस्तावेज के लीक होने से हुई, जिसमें कर्मचारियों के लिए बिंदी, तिलक और कलावा पहनने पर पाबंदी की बात कही गई थी, जबकि हिजाब और पगड़ी पहनने की अनुमति दी गई थी। इस लीक डॉक्यूमेंट ने इंटरनेट पर धार्मिक भेदभाव की बहस छेड़ दी है, जिसके बाद ट्विटर (X) पर बॉयकॉट लेंसकार्ट ट्रेंड करने लगा। विवाद को बढ़ता देख लेंसकार्ट के संस्थापक और सीईओ पीयूष बंसल ने सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि वायरल हो रहा दस्तावेज पुराना (आउटडेटेड) है और कंपनी की वर्तमान नीतियों को नहीं दर्शाता। बंसल ने माफी मांगते हुए कहा कि लेंसकार्ट में बिंदी या तिलक सहित किसी भी धार्मिक अभिव्यक्ति पर कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कंपनी के हजारों कर्मचारी अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ काम करते हैं। हालांकि, पीयूष बंसल की इस सफाई के बावजूद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है और कई यूजर्स इसे कंपनी का ‘दोहरा मापदंड’ बता रहे हैं।
