नवभारत न्यूज नेटवर्क
EPFO building Mumbai : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) में EPFO बिल्डिंग के कर्मचारी जान हथेली पर लेकर काम करने को मजबूर हैं। इमारत में फंड से जुड़ा अपना काम करवाने आये नागरिकों के सिर पर भी जान का ख़तरा (Danger) मंडराता रहता है। इस इमारत में करीब 500 लोग (Employees) काम करते हैं। हर दिन यहां फंड से जुड़ा काम करवाने आने वालों की संख्या इससे अधिक रहती है ऐसे नमें हर वक्त हजारों लोगों की जान पर मुश्किल बनी रहती है। जर्जर ईमारत की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
मुंबई के बांद्रा स्थित एम्प्लॉयी प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (ईपीएफओ) बिल्डिंग में हज़ारों कर्मचारियों और लोगों की जान खतरे में है। ईपीएफओ विभाग की इमारत इतनी जर्जर अवस्था में है कि वो कभी भी गिर सकती है। जिसके कारण बहुत बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन शासन-प्रशासन दोनों ने आंखों में पट्टी बांध रखी हैं। जिसके कारण ईपीएफओ के 500 कर्मचारियों की जान हमेशा खतरे में रहती है।
गौरतलब है कि ईपीएफओ कर्मचारियों के साथ-साथ प्रोविडेंट फंड में अपना काम करवाने के लिए जाने वाले नागरिकों की जान भी जोखिम में है। इस के चलते वहां के कर्मचारियों के मन मे अक्सर डर का माहौल बना रहता है कि कभी कोई बड़ा हादसा न हो जाए, लेकिन फिर भी वे लोग काम करने के लिए मजबूर है। यह सब देखने के बाबजूद भी अधिकारी मौन है।