शिंदे कैबिनेट की अहम घोषणा लोस चुनाव के मद्देनज़र लोक लुभावन फैसले
प्राण प्रतिष्ठा के दिन जगमगाएगा महाराष्ट्र नवभारत न्यूज़ नेटवर्क मुंबई: इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र शिंदे सरकार ने लोक लुभावन फैसलों की घोषणा शुरू कर दी है। इसके तहत पंडित दीन दयाल उपाध्याय घरकुल भूमि खरीद योजना के तहत भूमिहीनों को ज़मीन खरीदने के लिए एक लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा। पहले अनुदान की राशि 50 हजार रुपए थी। यह फैसला बुधवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
केंद्र और राज्य सरकार ने वर्ष 2024 तक ग्रामीण क्षेत्रों में सभी बेघर परिवारों को घर उपलब्ध कराने का महत्वाकांक्षी मिशन शुरू किया है। इसके अनुसार राज्य में केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के साथ-साथ राज्य प्रायोजित रमाई आवास योजना, शबरी आवास योजना, आदिम आवास योजना योजनाओं के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थियों को अनुदान प्रदान किया जाता है। हालांकि इस योजना के कुछ घरकुल लाभार्थी केवल जगह की कमी के कारण इस लाभ से वंचित रह जाते हैं। राज्य के ग्रामीण इलाकों में शहरीकरण के कारण जमीन की कीमत को देखते हुए सब्सिडी की राशि को एक लाख रुपए करने का फैसला किया है।
राज्य के शहरी क्षेत्रों में अब बाल विकास केंद्र राज्य के शहरी क्षेत्रों में कुपोषण को दूर करने के लिए अब ग्रामीण बाल विकास केंद्र योजना की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के लिए शहरी बाल विकास केंद्र योजना शुरू करने को मंजूरी दी गई है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर रूप से कुपोषित (एसएएम) बच्चों के कुपोषण को दूर करने के लिए आंगनवाड़ी स्तर पर ग्राम बाल विकास केंद्र योजना लागू की जा रही है। आधी से अधिक आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती है, इसलिए इन क्षेत्रों में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की संख्या भी बढ़ रही है। इसलिए अब शहरी बाल विकास केंद्र शुरू किया जाएगा। इस निर्णय से एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के तहत प्रदेश की 104 शहरी परियोजनाओं में योजना क्रियान्वित की जाएगी। इस योजना के लिए लगभग 11.52 करोड़ का वार्षिक व्यय स्वीकृत किया गया है तथा प्रति वर्ष गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या के अनुसार व्यय स्वीकृत किया जाएगा। इस योजना को मंजूर कराने महिला व बाल विकास मंत्री अदिती तटकरे ने प्रस्ताव भेजा था।
योजना प्रभावित लोगों की मदद पेढ़ी बैराज मध्यम परियोजना नाबदान सिंचाई योजना, कोथेरी लघु सिंचाई रोहनखेड़ और मौजे पर्वतपुर योजनाओं से प्रभावित लोगों को विशेष रूप से वित्तीय पैकेज देने की मंजूरी दी गई। 1 जनवरी, 2014 से पहले सिंचाई परियोजना के तहत प्रभावित गांवों में परियोजना प्रभावित परिवारों को घरों के निर्माण की लागत, सभी को विकसित करने की लागत के लिए पुनर्वास अधिनियम, 1999 के तहत वित्तीय पैकेज को मंजूरी देने की मंजूरी दी गई है। पुनर्वास केंद्र के कर्मचारियों के पुरानी पेंशन योजना, विरार में जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र के कर्मचारियों के 23 कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मंजूरी दे दी गई, जो 1 नवंबर 2005 से पहले कार्यरत थे।
ग्रामीण विकास पर जोर कैबिनेट ने ग्रामीण विकास विभाग में क्रियान्वित योजनाओं के लिए अन्य मंत्रिस्तरीय विभागों की तरह एक अलग खाता खोलने की मंजूरी दे दी क्योंकि ये योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में आम लोगों से संबंधित हैं, ताकि उनके प्रचार-प्रसार और धन की उपलब्धता हो सके। ग्रामीण विकास विभाग के लिए “विज्ञापन एवं प्रचार-प्रसार” कार्यक्रम के लिए नये मद का अनुमोदन किया गया तथा उक्त मद में धनराशि का बजट विभाग को उपलब्ध योजनान्तर्गत निर्धारित व्यय से करने की स्वीकृति दी गयी है।
न्याय विभाग में भर्ती को मंजूरी कैबिनेट ने राज्य में न्यायिक अधिकारियों के अतिरिक्त 2863 पद तथा 11 हजार 64 सहायक पदों के सृजन तथा 5 हजार 803 पदों पर बाहर से नियुक्ति करने को चरणबद्ध तरीके से भर्ती करने की मंजूरी दी है। राष्ट्रीय न्यायालय प्रबंधन प्रणाली समिति (एनसीएमएससी) द्वारा अनुशंसित अधीनस्थ न्यायाधीशों के 3211 पदों में से 2012 पद महाराष्ट्र में स्वीकृत किए गए हैं।
22 जनवरी को महाराष्ट्र में दीवाली, बांटा जाएगा ‘ख़ुशी का अनाज’ 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान राम की होने वाली प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के अलावा छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के मद्देनज़र महाराष्ट्र सरकार ने भी इस उत्सव पर राज्य के लोगों को सौगात देने का फैसला किया है। इस मौके पर राज्य सरकार ने लोगों को मात्र 100 रुपए में ख़ुशी का अनाज गिफ्ट किट देगी। इससे पहले इस किट में एक किलो सूजी, चना दाल, चीनी और एक लीटर खाना पकाने का तेल शामिल था। लेकिन अब इसमें कुछ और चीजों को जोड़ते हुए अब एक किलो चीनी, एक लीटर खाद्य तेल और आधा-आधा किलो सूजी, चना दाल, मैदा और पोहा शामिल होगा। कैबिनेट ने इस वितरण के लिए 549.86 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत को मंजूरी दे दी है।
प्रमुख इमारतों पर रंग बिरंगी रोशनी राज्य सरकार ने 22 जनवरी के मौके पर प्रमुख प्रशासकीय इमारतों में रोशनी और पूरे राज्य में आतिशबाजी करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर शिंदे सरकार ने राज्य के लोगों को इस दिन दिवाली की तरह मनाने का आवाहन किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Eknath shinde cabinate meeting big announcement before loksabha election 2024