

शीतल देवी ने 720 में से 704 अंक बनाकर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और नया एशियन रिकॉर्ड बनाया।
पायल नाग ने 675 अंकों के साथ पांचवां स्थान हासिल कर भारत की स्थिति मजबूत की।
दोनों खिलाड़ियों ने धमाकेदार क्वालिफिकेशन के दम पर नॉकआउट में जगह बनाकर भारत के लिए मल्टीपल मेडल की उम्मीदें जगाई हैं।
Sheetal Devi World Record: जापान के आईची-नागोया में जारी पैरा एशियन गेम्स से भारत के लिए एक बेहद अच्छी खबर सामने आई है। ओकाजाकी शहर के 'ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर' में चल रहे इन खेलों में भारतीय पैरा-आर्चर शीतल देवी ने तीरंदाजी में इतिहास रचते हुए विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
शीतल ने महिलाओं के कंपाउंड क्वालिफिकेशन राउंड में 720 में से 704 का अविश्वसनीय स्कोर हासिल किया। इस बेमिसाल प्रदर्शन के साथ उन्होंने न सिर्फ वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की, बल्कि 698 अंकों के पिछले एशियन रिकॉर्ड को 6 पॉइंट से ध्वस्त कर एक नया खेल इतिहास लिख दिया। इस धमाकेदार शुरुआत के बाद अब शीतल देवी भारत के लिए स्वर्ण पदक की सबसे बड़ी दावेदार बनकर उभरी हैं।
इस ऐतिहासिक मुकाबले में भारत की ताकत सिर्फ शीतल तक सीमित नहीं रही। भारत की एक और होनहार तीरंदाज पायल नाग ने भी 675 अंक हासिल कर स्टैंडिंग में संयुक्त रूप से पांचवां स्थान हासिल किया। पायल की इस कामयाबी ने भारत को इस इवेंट में दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में से एक बना दिया है।
आपको बता दें कि पायल इंटरनेशनल पैरा-आर्चरी सर्किट में एक उभरता हुआ बड़ा नाम हैं, जिन्होंने बैंकॉक में आयोजित 2026 वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में गोल्ड मेडल जीता था। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीतल देवी को भी शिकस्त दे चुकी हैं, जो यह साबित करता है कि भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी का भविष्य बेहद सुरक्षित और आक्रामक है।
कम उम्र में ही वर्ल्ड चैंपियन का दर्जा हासिल करने वाली शीतल देवी का सफर किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने हांगझोऊ 2023 एशियन पैरा गेम्स में गोल्ड और 2024 पेरिस पैरालंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर दुनिया को अपनी ताकत का अहसास कराया था।
अब क्वालिफिकेशन राउंड में 704 के स्कोर के साथ उन्होंने नॉकआउट स्टेज एलिमिनेशन राउंड के लिए नंबर-1 सीडिंग का मजबूत मंच तैयार कर लिया है। पूरे देश को उम्मीद है कि शीतल और पायल की यह जादुई जोड़ी आईची-नागोया में पोडियम पर तिरंगा लहराकर देश को गौरवान्वित करेगी।