

Highlights:
जापान में एशियन पैरा गेम्स 2026 शुरू, भारत के 168 एथलीट्स शामिल।
प्रमोद भगत और सिमरन बने ध्वजवाहक, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं।
भारतीय दल के नीले ब्लेजर पर सिंधु घाटी सभ्यता के सुनहरे डिजाइन।
Asian Para Games 2026: जापान के आइची-नागोया में आज यानी रविवार,18 अक्टूबर को 'एशियन पैरा गेम्स 2026' का आगाज हुआ, जहां भारत के 168 एथलीट्स देश का मान बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस खास अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भारतीय दल को अपनी शुभकामनाएं दी हैं और उनके जज्बे की सराहना की है।
PM मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भारतीय दल का हौसला बढ़ाते हुए लिखा- "आइची-नागोया में एशियन पैरा गेम्स 2026 की शुरुआत के अवसर पर, मैं भारतीय दल को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।
भारत को अपने शानदार पैरा-एथलीट्स पर बहुत गर्व है। उनका दृढ़ संकल्प, समर्पण और अदम्य जज्बा 140 करोड़ भारतीयों को प्रेरित करता है। वे पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रतिस्पर्धा करें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दें।
वहीं, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी दल को बधाई देते हुए लिखा कि भारत के पैरा चैंपियन देश का मान बढ़ाने के लिए तैयार हैं। एशियन पैरा गेम्स 2026 के लिए भारतीय दल को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
नागोया के पालोमा मिजुहो स्टेडियम में आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह के साथ इन खेलों का आधिकारिक तौर पर आगाज हुआ। समारोह में भारत के स्टार पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत और पैरा-एथलीट सिमरन शर्मा ने भारतीय ध्वज थामकर दल का नेतृत्व किया।
एशियन पैरा गेम्स 2026 के इस पांचवें संस्करण में कुल 45 देशों के लगभग 3,000 एथलीट्स हिस्सा ले रहे हैं। 24 अक्टूबर तक चलने वाले इन खेलों का आयोजन 19 अलग-अलग स्थानों पर किया जा रहा है।
भारत इस बार कुल 11 खेलों में प्रतिस्पर्धा कर रहा है, जिनमें शामिल हैं
पैरा एथलेटिक्स (सबसे ज्यादा 62 खिलाड़ी)
पैरा बैडमिंटन (28 खिलाड़ी)
तैराकी (स्विमिंग)
शूटिंग
तीरंदाजी (आर्चरी)
ब्लाइंड फुटबॉल
टेबल टेनिस
पावरलिफ्टिंग
जूडो
बोच्चिया
साइकिलिंग
आपको बता दें कि उद्घाटन समारोह के दौरान भारतीय दल की पोशाक हर किसी के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। भारतीय खिलाड़ियों ने गहरे नीले रंग के शानदार ब्लेजर पहने थे, जिन पर भारत की प्राचीन 'सिंधु घाटी सभ्यता' से प्रेरित सुनहरे डिजाइन उकेरे गए थे।
इन डिजाइनों में प्रसिद्ध 'प्रीस्ट-किंग' की मूर्ति, 'डांसिंग गर्ल' की आकृति और प्राचीन मुहरों के विशिष्ट प्रतीक तथा लिपि शामिल थे, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शा रहे थे।