सूर्यकुमार यादव (फोटो- सोशल मीडिया)
Suryakumar Yadav Statement before T20 WC 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले से पहले भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम की तैयारी और माहौल को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि टीम हर परिस्थिति के लिए तैयार है और फाइनल जैसे बड़े मैच में स्थिति के हिसाब से खेलना ही सबसे अहम होता है। सूर्या ने माना कि फाइनल में दबाव होना स्वाभाविक है, लेकिन यही दबाव खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है। उनके अनुसार बड़े मुकाबलों में हर खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता है और टीम भी उसी सोच के साथ मैदान पर उतरेगी।
सूर्यकुमार यादव ने कहा कि अपने देश में इतना बड़ा टूर्नामेंट खेलना हर खिलाड़ी के लिए गर्व की बात होती है। अहमदाबाद में होने वाले फाइनल को लेकर सिर्फ टीम ही नहीं बल्कि पूरा देश उत्साहित है। उन्होंने बताया कि टीम के अंदर भी मैच को लेकर काफी जोश और सकारात्मक माहौल है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इतने बड़े मुकाबले से पहले थोड़ा नर्वस होना स्वाभाविक है। लेकिन टीम के सभी खिलाड़ी इस जिम्मेदारी को समझते हैं और पूरी तैयारी के साथ मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं। कप्तान के अनुसार टीम का लक्ष्य सिर्फ अच्छा क्रिकेट खेलना और देश के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब सूर्यकुमार यादव से स्पिनर वरुण चक्रवर्ती के हालिया फॉर्म को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि टीम को उनके प्रदर्शन को लेकर ज्यादा चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट एक टीम गेम है और हर मैच में सभी खिलाड़ियों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं हो सकता। सूर्या ने वरुण को विश्व स्तरीय गेंदबाज बताते हुए कहा कि वह जानते हैं कि बड़े मैचों में कैसे वापसी करनी है। वहीं जब उनसे फाइनल के लिए प्लेइंग इलेवन में बदलाव को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि इसका जवाब मैच के दिन ही मिलेगा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि सभी लोग सब कुछ पहले ही जानना चाहते हैं, लेकिन टीम सही समय पर ही फैसला बताएगी।
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सूर्यकुमार यादव ने फाइनल के दबाव को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जिस मैच में दबाव नहीं होता, उसमें खेलने का मजा भी नहीं आता। उनके मुताबिक यही दबाव खिलाड़ियों को आगे बढ़ने और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है। कप्तान ने यह भी कहा कि टीम के कई खिलाड़ियों को बड़े मैचों और फाइनल खेलने का अनुभव है, जिसका फायदा जरूर मिलेगा। खिलाड़ी अक्सर अनुभवी साथियों से बातचीत करते रहते हैं ताकि मुश्किल परिस्थितियों में बेहतर फैसले लिए जा सकें। वहीं ओस के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा फैक्टर है जिस पर किसी का नियंत्रण नहीं होता। इसलिए टीम का फोकस सिर्फ मैदान पर जाकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर रहेगा।