Salim Durani: अफगान मूल का वो भारतीय क्रिकेटर, जो बने अर्जुन पुरस्कार पाने वाले पहले खिलाड़ी
Salim Durani Stats: अफगानिस्तान में जन्मे सलीम दुर्रानी ने भारत के लिए खेलते हुए ऑलराउंडर के रूप में पहचान बनाई। अपने दमदार प्रदर्शन से टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई और कई सम्मान हासिल किए।
- Written By: संजय बिष्ट
सलीम दुर्रानी (फोटो- IANS)
Salim Durani Biography: भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाना हमेशा से कठिन रहा है, खासकर तब जब खिलाड़ी किसी ऐसे देश से हो जहां क्रिकेट ज्यादा लोकप्रिय न हो। Salim Durani की कहानी इसी जज्बे और मेहनत की मिसाल है। अफगानिस्तान में जन्म लेकर भारत के लिए खेलने तक का उनका सफर प्रेरणादायक रहा।
अफगानिस्तान से भारत तक का सफर
सलीम दुर्रानी का जन्म 11 दिसंबर 1934 को खैबर दर्रे में हुआ था। उनके पिता अब्दुल अजीज दुर्रानी पेशेवर क्रिकेटर थे। 1935 में कराची दौरे के दौरान उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर नवानगर के जाम साहिब दिग्विजयसिंह रणजीतसिंह ने उन्हें नौकरी का प्रस्ताव दिया। इसके बाद उनका परिवार जामनगर में बस गया। सलीम बचपन में ही भारत आ गए और यहीं उनकी परवरिश हुई। 1947 के विभाजन के बाद उनके पिता पाकिस्तान चले गए, लेकिन परिवार भारत में ही रहा।
एक शानदार ऑलराउंडर का उदय
सलीम दुर्रानी एक बेहतरीन ऑलराउंडर थे। वह बाएं हाथ के बल्लेबाज और धीमी गति के बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज थे। उनकी खासियत बड़े-बड़े छक्के लगाने की थी, जिससे वह दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रहे। उन्होंने 1960 में भारतीय टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया और 1973 तक कुल 29 टेस्ट मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 50 पारियों में 1202 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 7 अर्धशतक शामिल हैं। साथ ही उन्होंने 75 विकेट भी अपने नाम किए।
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ऐतिहासिक जीत के हीरो
सलीम दुर्रानी 1961-62 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की ऐतिहासिक सीरीज जीत के नायक रहे। कोलकाता और चेन्नई टेस्ट में उन्होंने क्रमशः 8 और 10 विकेट लेकर टीम को जीत दिलाई। इसके अलावा, उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में भारत की पहली जीत में भी अहम भूमिका निभाई। इस मैच में उन्होंने क्लाइव लॉयड और गैरी सोबर्स जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की।
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सलीम दुर्रानी भारतीय क्रिकेट इतिहास के पहले खिलाड़ी थे जिन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा 2011 में उन्हें सी.के. नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया, जो भारतीय क्रिकेट में एक बड़ा सम्मान माना जाता है। 2 अप्रैल 2023 को 88 वर्ष की आयु में कैंसर के कारण सलीम दुर्रानी का निधन हो गया। उनकी कहानी आज भी यह सिखाती है कि जुनून और मेहनत के दम पर कोई भी खिलाड़ी अपनी पहचान बना सकता है और इतिहास रच सकता है।
IANS इनपुट के साथ
