-
सोम, 27 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Sports »
- Cricket »
- Rcb Victory 5 Big Factors Story Of Royal Challengers Bangalore Becoming The Champion
RCB की जीत के 5 बड़े फैक्टर: हर मुकाबले का अलग मैच विनर, एक क्लिक में देखें बेंगलुरु के चैंपियन बनने का सफर
- Written By: आकाश मसने
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL के 18वें सीजन में अपना पहला टाइटल जीत लिया। इस सफर में टीम के हर खिलाड़ी ने अपना अहम योगदान दिया। जिसे जो रोल मिला उसने उसे बखूबी निभाया। आइए जानते हैं कैसा रहा RCB की जीत का ये सफर...

IPL चैंपियन बनने के बाद ट्रॉफी के साथ RCB के खिलाड़ी (सोर्स: PTI)
17 सालों से चल रहा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL के 18वें सीजन में अपना पहला टाइटल जीत लिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मंगलवार को खिताबी मुकाबले में पंजाब किंग्स को 6 रन से हराया और PBKS के पहले खिताब का इंतजार और लंबा कर दिया।
RCB ने इस साल ऑक्शन के बाद रजत पाटीदार को टीम की कमान सौंपी। IPL में पहली बार कप्तानी कर रहे रजत ने आरसीबी को घर से बाहर सभी मैच जिताए। टीम ने 14 में से 11 मैच जीते, इनमें 1-2 नहीं, बल्कि 9 अलग-अलग खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच बने। गेंदबाजों के दम पर बेंगलुरु ने बता दिया कि बड़े नाम नहीं, मजबूत टीम के सहारे चैंपियन बना जाता है।
RCB की जीत के ये रहे 5 बड़े फैक्टर
फैक्टर 1- हर प्लेयर का अलग रोल
सम्बंधित ख़बरें
T20 क्रिकेट में बड़ा उलटफेर! जोस बटलर ने क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, बना डाला ऐतिहासिक रिकॉर्ड
गुरु पूर्णिमा से पहले वृन्दावन पहुंचे विराट कोहली और अनुष्का शर्मा, प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने वृंदावन में लिया प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद, नंगे पैर आश्रम तक पहुंचे कपल
रोहित-कोहली को बाहर करना नामुमकिन, अश्विन का बड़ा बयान, बोले- उनके खिलाफ फैसला…
RCB की जीत की रणनीति मेगा ऑक्शन से पहले ही बननी शुरू हो गई थी। जब मेंटर दिनेश कार्तिक ने डायरेक्टर मो बोबट और कोच एंडी फ्लावर के साथ प्लानिंग की और बेस्ट टीम खरीदी। क्रिस गेल, एबी डिविलियर्स, फाफ डु प्लेसिस और ग्लेन मैक्सवेल जैसे बड़े प्लेयर्स पर दांव खेलने वाली आरसीबी ने इस बार विराट कोहली के अलावा किसी भी बड़े खिलाड़ी को रिटेन नहीं किया।
RCB के यूट्यूब चैनल पर कार्तिक ने बताया कि कैसे मैनेजमेंट ने हर रोल के लिए अलग-अलग खिलाड़ी खरीदे। ऑक्शन से पहले टीम मैनेजमेंट ने ओपनिंग, मिडिल ऑर्डर, फिनिशिंग, स्पिन से लेकर पावरप्ले और डेथ बॉलिंग के लिए विकल्प तय किए। फिर नीलामी में बेस्ट खिलाड़ियों को ही खरीदा गया। अगर बेस्ट नहीं मिला तो सेकंड बेस्ट खरीदा गया, लेकिन फोकस सिर्फ रोल बेस्ड खिलाड़ियों पर रहा। जिसका नतीजा यह हुआ कि बेंगलुरु ने ऑक्शन के बाद ही लगभग परफेक्ट टीम बना ली।
आरसीबी ने टूर्नामेंट में 11 बल्लेबाजों को आजमाया जिनमें बैटिंग ऑलराउंडर भी शामिल थे। इनमें से 5 का स्ट्राइक रेट 170 से ज़्यादा था, यानी उनका रोल लगातार अटैक करना था। इनमें फिल साल्ट, जितेश शर्मा, रोमारियो शेफर्ड, टिम डेविड और जैकब बेथेल शामिल थे।
4 गेंदबाजों ने 13 से ज्यादा विकेट लिए: RCB ने गेंदबाजी यूनिट में भी ज्यादा एक्सपेरिमेंट नहीं किए। जोश हेजलवुड, यश दयाल और भुवनेश्वर कुमार को पावरप्ले के साथ-साथ डेथ ओवरों को संभालने की जिम्मेदारी दी गई। जबकि स्पिनर क्रुणाल पंड्या और सुयश शर्मा को बीच के ओवरों में रन रोकने का काम सौंपा गया। दोनों स्पिनरों ने 8.50 से कम की इकॉनमी रेट से रन दिए और 25 विकेट भी लिए। क्रुणाल ने फाइनल में किफायती गेंदबाजी भी की और सिर्फ 17 रन देकर 2 बड़े विकेट लिए।
जोश हेजलवुड चोट के कारण 12 मैच ही खेल पाए, लेकिन उन्होंने 22 विकेट लिए। भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर उन्होंने पावरप्ले में आरसीबी की गेंदबाजी पर दबाव नहीं बढ़ने दिया। हेजलवुड और भुवी कभी फ्लॉप होते तो बाएं हाथ के तेज गेंदबाज यश दयाल तीसरे स्पेल में आकर विकेट लेते। आरसीबी के तेज गेंदबाजों ने 64 विकेट लिए, जो मुंबई इंडियंस और सनराजर्स हैदराबाद के बाद टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा है।
फैक्टर 2- हर मैच में निकले अलग हीरो
RCB के खिताब जीतने के अभियान का सबसे अहम यह था कि टीम के 9 अलग-अलग खिलाड़ी 12 मैचों में प्लेयर ऑफ द मैच बने। टिम डेविड को यह पुरस्कार तब भी मिला जब टीम हार गई, क्योंकि उनके प्रदर्शन ने आरसीबी को बेहद मुश्किल पिच पर सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में मदद की।
फाइनल मुकाबले में बेंगलुरु के प्लेयर ऑफ द मैच क्रुणाल पंड्या ने टीम में सबसे ज्यादा 3 बार यह अवॉर्ड जीता। उन्हें दिल्ली के खिलाफ बल्लेबाजी और कोलकाता के खिलाफ गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड मिला था। उनके बाद कप्तान रजत पाटीदार ने 2 बार यह अवॉर्ड अपने नाम किया। इनके अलावा 7 अलग-अलग खिलाड़ी भी अपने प्रदर्शन के आधार पर 1-1 बार प्लेयर ऑफ द मैच बने।
फैक्टर 1- घर से बाहर 90% मैच जीते
18वें सीजन में बेंगलुरु और पंजाब ऐसी कुछ टीमें रहीं जिन्होंने अपने घरेलू मैदान से ज़्यादा बाहर मैच जीते। बेंगलुरु ने 15 में से 10 मैच होमग्राउंड से बाहर खेले और उनमें से 9 में जीत हासिल की। RCB की घर से बाहर इकलौती हार लखनऊ में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मिली। इस मैच में कप्तानी जितेश शर्मा कर रहे थे।
होमग्राउंड से बाहर मिली 90 प्रतिशत जीत में कप्तान रजत पाटीदार की लीडरशिप काफी काम आई। उन्होंने सामने वाली टीम के बल्लेबाजों की कमजोरियों के हिसाब से गेंदबाजों का इस्तेमाल किया और जब भी जरूरत पड़ी, पावरप्ले में स्पिन गेंदबाजी भी कराई। रजत की बेहतरीन रणनीति की बदौलत टीम ने क्वालीफायर-1 में पंजाब को 101 रनों पर रोक दिया और फाइनल में 191 रनों का लक्ष्य हासिल नहीं करने दिया।
RCB के कप्तान रजत पाटीदार (सोर्स: PTI)
फैक्टर 4- तीन फाइनल गंवाने के बाद मिली कामयाबी
आरसीबी टूर्नामेंट की चुनिंदा टीमों में शामिल है, जो 2008 से आईपीएल खेल रही है। 2024 तक टीम के पास उपलब्धि के नाम पर कोई ट्रॉफी नहीं थी, लेकिन टीम 3 बार फाइनल में जरूर पहुंची। आरसीबी ने 2009, 2011 और 2016 में 3 फाइनल खेले, लेकिन तीनों में हार का सामना करना पड़ा।
2025 से पहले बेंगलुरु के लिए संयोग की बात यह रही कि टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए तीनों फाइनल हार गई। 2009 में आरसीबी ने डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ टॉस जीता, लेकिन 6 रन से मैच हार गई। 2011 और 2016 में टीम को टॉस हारकर पहले गेंदबाजी करनी पड़ी, लेकिन चेन्नई और हैदराबाद से हार गई।
18 सीजन में पहली बार आरसीबी को फाइनल में पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला। अहमदाबाद की बैटिंग फ्रेंडली पिच पर टीम सिर्फ 190 रन ही बना सकी। जो पार स्कोर से करीब 15-20 रन कम था, क्योंकि पंजाब ने इसी मैदान पर क्वालीफायर-1 में मुंबई के खिलाफ एक ओवर शेष रहते 204 रनों का पीछा किया था।
इस बार आरसीबी ने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर अपनी किस्मत बदली और पंजाब को 184 रनों पर रोककर खिताब अपने नाम कर लिया। यानी यह कहना गलत नहीं होगा कि आरसीबी की किस्मत में स्कोर का पीछा करते हुए नहीं बल्कि बचाव करते हुए पहला आईपीएल जीतना लिखा था। हालांकि, बैंगलोर से पहले सनराइजर्स हैदराबाद, डेक्कन चार्जर्स, चेन्नई सुपर किंग्स (3 बार) और मुंबई इंडियंस (4 बार) भी पहले बल्लेबाजी करते हुए आईपीएल फाइनल जीत चुके हैं।
फैक्टर 5 – चैंपियन कोहली ने साथ नहीं छोड़ा
भारत के लिए आईसीसी की सभी ट्रॉफी जीत चुके विराट कोहली के पास 2024 तक आईपीएल ट्रॉफी नहीं थी। जिसके चलते उन्हें कई बार सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। कहा गया कि कोहली आरसीबी के लिए अभिशाप हैं, जब तक वो हैं बैंगलोर आईपीएल नहीं जीत सकती।
विराट कोहली (सोर्स: PTI)
इतना कुछ होने के बावजूद कोहली ने आरसीबी को नहीं छोड़ा और फ्रेंचाइजी ने भी विराट को नहीं छोड़ा। 18वें सीजन से पहले कोहली को आरसीबी ने 21 करोड़ रुपये देकर रिटेन किया था। विराट ने लगातार तीसरे सीजन में 600 से ज्यादा रन बनाए और बल्लेबाजी की बागडोर संभाली। फाइनल में उन्होंने 35 गेंदों पर 43 रनों की धीमी पारी खेली, लेकिन जब मैच खत्म हुआ तो समझ में आया कि उनकी पारी के दम पर ही आरसीबी के बाकी बल्लेबाज विकेट की चिंता किए बिना खुलकर शॉट खेल पाए। टीम ने 190 रन बनाए, जिसमें कोहली टॉप स्कोरर रहे।
5वें ओवर में जब पंजाब का पहला विकेट गिरा तो कोहली अपने पारंपरिक अंदाज में जश्न मनाने लगे। उनके एक्शन से साफ दिख रहा था कि उन्होंने जीत की उम्मीद नहीं छोड़ी है। पंजाब के हर विकेट के साथ उनकी उम्मीदें बढ़ती गईं। यहां तक कि जब आखिरी 6 गेंदों में 29 रन बचाने थे, तब भी कोहली की आंखों में हार का डर साफ दिख रहा था।
Rcb victory 5 big factors story of royal challengers bangalore becoming the champion
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
वाराणसी की दालमंडी में फिर चला बुलडोजर, 180 निर्माण हुए जमींदोज; लंगड़ा हाफिज मस्जिद पर कार्रवाई शुरू- VIDEO
Jul 27, 2026 | 09:12 PMपाताललोक का आभास कराएगी मुंबई की यह टनल! देश की सबसे गहरी रोड टनल हो रही तैयार, जानें इसकी 4 बड़ी विशेषताएं
Jul 27, 2026 | 09:01 PMलोकसभा में पेश हुए रैगिंग के आंकड़े; UP में सबसे अधिक 135 शिकायतें, पश्चिम बंगाल दूसरे स्थान पर
Jul 27, 2026 | 08:55 PMप्रदर्शनकारी छात्रों के लिए CJP जुटाएगी ऑनलाइन फंड, कपिल सिब्बल ने दिए ₹1 करोड़; कानूनी लड़ाई में मिलेगा सहारा
Jul 27, 2026 | 08:54 PMगुरु पूर्णिमा पर दादाजी धाम पहुंचे सीएम मोहन यादव; समाधि के दर्शन कर अखंड धूनी में दी आहुति
Jul 27, 2026 | 08:51 PMICAI Campus Placement 2026: 78 कंपनियों में 5,339 नौकरियां, 29 शहरों में होगा उम्मीदवारों का कैंपस इंटरव्यू
Jul 27, 2026 | 08:49 PMपेपर लीक पर मिले उम्रकैद की सजा, वंदे मातरम पर न हो विवाद… शिवसेना UBT नेता आनंद दुबे का बड़ा बयान
Jul 27, 2026 | 08:49 PMवीडियो गैलरी

PoK पर राजनाथ सिंह की दो-टूक, पाकिस्तान में मची खलबली! Video
Jul 27, 2026 | 07:59 PM
नवभारत लाइव के सवाल का बड़ा असर; सवाल उठते ही भोपाल पुलिस के आरक्षक ने अपनी ही बाइक का काटा चालान- देखें VIDEO
Jul 27, 2026 | 05:52 PM
50 करोड़ का खेल और रातों-रात बदले टीआई; दतिया उपचुनाव से पहले जीतू पटवारी का धमाकेदार वार, देखें VIDEO
Jul 27, 2026 | 02:48 PM
अब तो नरोत्तम मिश्रा पर भी भरोसा नहीं, जीतू पटवारी का बीजेपी पर बड़ा हमला; जानिए क्या है पूरा मामला- VIDEO
Jul 27, 2026 | 02:38 PM
मुसलमानों का सबसे बड़ा दुश्मन ओवैसी! ये क्या बोल गए मौलाना रशीदी, यूपी चुनाव से पहले दी सख्त चेतावनी
Jul 27, 2026 | 02:20 PM
चार महीने का सीसीटीवी फुटेज दिखाइए… शंकराचार्य ने सरकार को दी खुली चुनौती-VIDEO
Jul 27, 2026 | 12:31 PM














