साउथ अफ्रीका के खिलाड़ी ने 37 साल की उम्र में लिया संन्यास (फोटो- सोशल मीडिया)
Rassie van der Dussen Announced Retirement: इस समय क्रिकेट जगत का पूरा ध्यान इंडियन प्रीमियर लीग 2026 पर केंद्रित है। 28 मार्च से शुरू हुए इस टूर्नामेंट में हर दिन रोमांचक मुकाबले खेले जा रहे हैं, जिनमें बड़े खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से फैंस का मनोरंजन कर रहे हैं। इसी बीच एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। साउथ अफ्रीका के अनुभवी बल्लेबाज रासी वैन डर डुसेन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है।
साउथ अफ्रीका के इस स्टार बल्लेबाज ने सोशल मीडिया के जरिए अपने संन्यास की घोषणा की। उन्होंने भावुक संदेश साझा करते हुए बताया कि अब वह अपने देश की जर्सी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेलेंगे। उनके इस फैसले से क्रिकेट प्रशंसकों के बीच निराशा का माहौल है, क्योंकि वह लंबे समय से टीम के अहम बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं।
रासी वैन डर डुसेन ने अपने संदेश में लिखा कि वह गर्व और आभार के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने देश का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उनके अनुसार प्रोटियाज की जर्सी पहनना हमेशा एक विशेष अनुभव रहा, जिसमें खिलाड़ी को अपनी क्षमता और समर्पण साबित करने का मौका मिलता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस सफर में उन्हें कई त्याग करने पड़े, लेकिन यह अनुभव हमेशा उनके लिए यादगार रहेगा।
37 वर्ष के रासी वैन डर डुसेन ने वर्ष 2018 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने साउथ अफ्रीका के लिए तीनों प्रारूपों में खेलते हुए अपनी जगह बनाई। अपने करियर के दौरान उन्होंने कुल 146 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और कई महत्वपूर्ण मौकों पर टीम के लिए उपयोगी पारियां खेलीं। उनकी बल्लेबाजी तकनीक और स्थिरता ने उन्हें एक भरोसेमंद शीर्ष क्रम बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया।
आईपीएल में भी रासी वैन डर डुसेन ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने वर्ष 2022 में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेला था। हालांकि उन्हें सीमित अवसर मिले, लेकिन उन्होंने अपने अनुभव से टीम को मजबूती देने की कोशिश की। उन्होंने तीन मैचों में कुल 22 रन बनाए थे।
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रासी वैन डर डुसेन के संन्यास के साथ साउथ अफ्रीका क्रिकेट को एक अनुभवी और भरोसेमंद बल्लेबाज की कमी महसूस होगी। उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। अब वह अंतरराष्ट्रीय मंच से दूर रहेंगे, लेकिन उनके करियर की उपलब्धियां और प्रदर्शन क्रिकेट इतिहास में हमेशा दर्ज रहेंगे।