प्रधानमंत्री मोदी और वैभव सूर्यवंशी (फोटो-सोशल मीडिया)
स्पोर्ट्स डेस्क: आईपीएल में वैभव सूर्यवंशी शतक लगाकर सुर्खियों में बने हुए हैं। वो 14 साल की उम्र में टी20 में शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। वैभव के इस पारी की अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जमकर सराहना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की तारीफ करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि पाना बहुत बड़ी बात है।
वैभव ने राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए हाल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ शतकीय पारी खेली। वैभव ने महज 35 गेंदों पर शतक लगाकर कई रिकॉर्ड बना लिए। वैभव ने यह कारनामा 14 साल की उम्र में करके दिखाया। इस प्रदर्शन ने न सिर्फ क्रिकेट की दुनिया में तहलका मचा दिया, बल्कि देशभर के करोड़ों लोगों को यह दिखा दिया कि छोटे शहरों से भी बड़े सितारे निकल सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में हो रहे ‘खेलो इंडिया युवा खेल 2025’ के उद्घाटन कार्यक्रम में अपने वीडियो संदेश में वैभव की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैंने आईपीएल में बिहार के बेटे वैभव सूर्यवंशी का शानदार खेल देखा है। इतनी कम उम्र में ऐसा बड़ा रिकॉर्ड बनाना आसान नहीं है। इसके पीछे उनकी कड़ी मेहनत और लगातार किया गया अभ्यास है। उन्होंने कहा कि वैभव की सफलता युवाओं को यह सिखाती है कि मेहनत, लगन और अभ्यास से कोई भी मुकाम पाया जा सकता है।
Best wishes to the athletes participating in the Khelo India Youth Games being held in Bihar. May this platform bring out your best and promote true sporting excellence. @kheloindia https://t.co/jlOrc6qO1U
— Narendra Modi (@narendramodi) May 4, 2025
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वैभव की सफलता सिर्फ एक मैच का नतीजा नहीं है। यह उनके लगातार अभ्यास, कई मैचों का अनुभव और एक साफ लक्ष्य की वजह से संभव हुआ है। उन्होंने सभी युवाओं को सलाह दी कि वे खेलों में ज्यादा हिस्सा लें, क्योंकि जितना ज़्यादा खेलेंगे, उतना बेहतर बनेंगे।
मोदी ने बताया कि उनकी सरकार सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि खो-खो, मलखंभ, योगासन, गतका जैसे भारतीय पारंपरिक खेलों को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि हमारी नई शिक्षा नीति में खेलों को पढ़ाई का हिस्सा बनाया गया है ताकि देश में अच्छे खिलाड़ी और खेल के जानकार दोनों तैयार हों। अंत में प्रधानमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल हमें सिर्फ जीतना ही नहीं सिखाते, बल्कि टीमवर्क, अनुशासन और एक साथ आगे बढ़ने की भावना भी देते हैं। यही खेल भावना जिंदगी के हर हिस्से में काम आती है।