ब्लेसिंग मुजरबानी (फोटो-सोशल मीडिया)
PCB Bans Blessing Muzarabani: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पीसीबी ने पाकिस्तान सुपर लीग छोड़ने वाले खिलाड़ियों पर कड़ा एक्शन लेने का प्लान बनाया है। इसके साथ ही पीसीबी ने जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी पर पीसीएल छोड़ने के लिए दो साल के लिए टूर्नामेंट से बैन कर दिया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़ने के बाद मुजरबानी ने पीएसएल फ्रेंचाइजी इस्लामाबाद यूनाइटेड के साथ अपना मौजूदा अनुबंध समाप्त कर दिया था। इसे PCB ने “कॉनफ्लिक्टिंग कॉन्ट्रैक्ट” यानी विरोधाभासी अनुबंध का मामला मानते हुए गंभीर अनुशासनहीनता करार दिया।
PCB ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि पूरी तरह से अनुशासनात्मक समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है कि खिलाड़ी ने पेशेवर मानकों का उल्लंघन किया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि किसी भी खिलाड़ी को एक साथ या ओवरलैपिंग कॉन्ट्रैक्ट्स में शामिल होना स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि इससे लीग की विश्वसनीयता और फ्रेंचाइजी सिस्टम पर असर पड़ता है।
पाकिस्तान सुपर लीग की ओर से जारी बयान में भी कहा गया कि फ्रेंचाइजी आधारित लीग में पारदर्शिता और अनुशासन बेहद जरूरी है। बयान में कहा गया कि यदि ऐसे मामलों पर रोक नहीं लगाई गई, तो लीग की साख और सभी स्टेकहोल्डर्स का भरोसा कमजोर हो सकता है। इसी कारण मुजरबानी पर दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है।
यह मामला अकेला नहीं है, बल्कि हाल के वर्षों में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं जब विदेशी खिलाड़ियों ने PSL की जगह IPL को प्राथमिकता दी है। इससे पहले श्रीलंकाई ऑलराउंडर दासुन शनाका ने भी लाहौर कलंदर्स के साथ अनुबंध छोड़कर आईपीएल टीम से जुड़ने का फैसला किया था। वहीं दक्षिण अफ्रीका के ऑलराउंडर कॉर्बिन बॉश को भी इसी तरह के विवाद में एक साल का बैन झेलना पड़ा था।
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इसके अलावा कई अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जैसे जेक फ्रेजर-मैकगर्क, गुडाकेश मोटी, ओटनील बार्टमैन और स्पेंसर जॉनसन ने भी अलग-अलग कारणों से PSL से अपना नाम वापस ले लिया है। इससे लीग की प्रतिस्पर्धा और खिलाड़ियों की प्राथमिकताओं पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।