वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान की कप्तान ने धोनी को बताया प्रेरणास्रोत, कहा- उनके जैसा कैप्टन कूल…
Fatima Says I Take Inspiration From Dhoni: पाकिस्तान की कप्तान सना फातिमा ने कहा कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में कप्तानी करने पर शुरू में थोड़ा नर्वस हूं। इसलिए मैं धोनी से प्ररेणा लेती हूं।
- Written By: उज्जवल सिन्हा
एमएस धोनी (फोटो-सोशल मीडिया)
Fatima Sana Says I Take Inspiration From MS Dhoni: आईसीसी महिला वर्ल्ड का आगाज 30 सितंबर से शुरू होने जा रही है। वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान की कैप्टन फातिमा सना की ख्वाहिश है कि वो भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तरह बने। वो उनसे प्रेरणा लेती है। फातिमा ने छह मई 2019 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था।
महिला वनडे वर्ल्ड कप क्वालीफायर्स में अजेय रहने वाली पाकिस्तान की टीम भारत और श्रीलंका में 30 सितंबर से दो नवंबर तक होने वाले वनडे विश्व कप में अपने अभियान का आगाज दो अक्टूबर को कोलंबो में बांग्लादेश के खिलाफ करेगी। कप्तान सना फातिमा ने कहा कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में कप्तानी करने पर शुरू में थोड़ा नर्वस हूं।
धोनी से प्ररेणा लेती हूं
वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में कप्तानी करना बड़ी बात है। इससे पहले मैं थोड़ी नर्वस हूं लेकिन मैं कप्तान के तौर पर महेंद्र सिंह धोनी से प्रेरणा लेती हूं।मैने उनके भारत के कप्तान के तौर पर और आईपीएल मैच देखे हैं। वह जिस तरह मैदान पर फैसले लेते हैं, शांत रहते हैं और अपने खिलाड़ियों का समर्थन करते हैं , उससे काफी कुछ सीखने को मिलता है। जब मुझे कप्तानी मिली थी तभी मैने सोचा था कि धोनी की तरह बनना है। उनके इंटरव्यू भी देखे तो काफी कुछ सीखने को मिला।
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वर्ल्ड कप में पाकिस्तान का रहा है खराब प्रदर्शन
महिला वनडे विश्व कप में पाकिस्तान पांच बार (1997, 2009, 2013, 2017 और 2022 में) खेला है लेकिन 1997, 2013 और 2017 में एक भी मैच नहीं जीत सकी। पिछली बार 2022 में एकमात्र जीत हैमिल्टन में वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली लेकिन बाकी सारे मैच हारकर टीम आखिरी स्थान पर रही थी।
टीम को सेमीफाइनल में ले जाने का लक्ष्य
पाकिस्तान के लिये 34 वनडे में 397 रन बनाने और 45 विकेट लेने वाली हरफनमौला फातिमा को यकीन है कि इस बार यह मिथक टूटेगा क्योंकि युवा खिलाड़ियों को पता है कि उनके प्रदर्शन से देश में महिला क्रिकेट का मुस्तकबिल तय होगा। हम अतीत के बारे में नहीं सोचेंगे। मेरा लक्ष्य टीम को सेमीफाइनल तक ले जाना है।
आईसीसी ने की अच्छी पहल
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लड़कियां अब स्कूलों में क्रिकेट खेलने लगी है और अंतरराष्ट्रीय मैच लाइव दिखाए जा रहे हैं। आईसीसी ने भी महिला विश्व कप के लिये पुरस्कार राशि बढाकर बहुत अच्छी पहल की है जिससे पाकिस्तान जैसे देश में महिला क्रिकेट को फायदा मिलेगा । लेकिन अभी भी एक बैरियर है जो हमें इस टूर्नामेंट के जरिये तोड़ना है ।
पाकिस्तान में महिला क्रिकेटरों को नहीं मिलता समर्थन
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में महिला क्रिकेट को उस तरह कैरियर विकल्प के रूप में नहीं देखा जाता और उतना समर्थन नहीं है लेकिन अगर हम अच्छा खेलते हैं तो काफी फर्क पड़ेगा। गेंदबाजों खासकर स्पिनरों को वह टीम की कामयाबी की कुंजी मानती हैं लेकिन उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी पर भी पिछले एक साल में काफी काम किया गया है।
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हमारे पास आला दर्जे के गेंदबाज हैं और स्पिनर हमारे ट्रंपकार्ड होंगे। हम बल्लेबाजी से ज्यादा गेंदबाजी पर निर्भर करेंगे लेकिन पिछले एक साल में बल्लेबाजी पर काफी काम किया है जिसका नतीजा मिलेगा। उन्होंने कहा कि टीम का फोकस क्वालीफायर वाली लय को कायम रखने पर होगा और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टूर्नामेंट से पहले होने वाली तीन मैचों की श्रृंखला से टीम संयोजन तैयार करने में मदद मिलेगी।
ऑस्ट्रेलिया हो सकती है ट्रॉफी की दावेदार
आस्ट्रेलिया को खिताब की प्रबल दावेदार बताते हुए फातिमा ने कहा कि सेमीफाइनल की चार टीमों को लेकर कयास नहीं लगाया जा सकता लेकिन भारत का प्रदर्शन भी लगातार अच्छा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरी पसंदीदा टीम आस्ट्रेलिया है। शीर्ष चार के बारे में कहना मुश्किल है लेकिन भारत का प्रदर्शन पिछले कुछ अर्से में बहुत अच्छा रहा है। उनके पास जेमिमा, स्मृति और हरमनप्रीत जैसे काफी अनुभवी खिलाड़ी है लेकिन हम किसी एक खिलाड़ी पर फोकस नहीं करेंगे।
भारत को घर में खेलने का फायदा मिलेगा
उन्होंने यह भी कहा कि मेजबान होने के नाते भारत पर दबाव होगा लेकिन घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा भी मिलेगा। भारत ने कभी विश्व कप नहीं जीता है और मेजबान होने के नाते जीत का दबाव तो होगा ही लेकिन इसके साथ घरेलू दर्शकों के होने से मनोबल भी बढता है । अब यह टीम पर निर्भर करता है कि वह इसे कैसे लेते हैं। (भाषा इनपुट के साथ)
