Salman Ali Agah Run Out Controversy (Photo: Social Media)
Umpire Anil Choudhary on Salman Agha Run Out Controversy: पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज सलमान अली आगा शुक्रवार को बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे मैच में अजीबोगरीब तरीके से रन आउट हो गए। रन आउट होने के बाद पाकिस्तान टी20 कप्तान काफी गुस्से में नजर आए और बांग्लादेशी खिलाड़ियों के इस फैसले पर नाराजगी जताई। बांग्लादेशी कप्तान मेहदी हसन मिराज द्वारा उन्हें रन आउट किए जाने पर सलमान अली आगा काफी निराश दिखे और विरोध जताया। इस मामले ने मैदान पर और उसके बाहर दोनों जगह काफी चर्चा पैदा की।
पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय अंपायर अनिल चौधरी ने इस विवाद पर अपनी राय देते हुए कहा कि सलमान अली आगा का रन आउट पूरी तरह से नियम के अनुसार सही था। उनका कहना है कि इस फैसले में कोई विवाद की गुंजाइश नहीं थी। अनिल चौधरी ने बताया कि गेंद डेड नहीं हुई थी और बल्लेबाज तथा फील्डर के बीच हुई टक्कर पूरी तरह अनजाने में हुई थी। उनका यह भी कहना था कि अगर बल्लेबाज ने गेंद उठाकर फील्डिंग में बाधा डालने की कोशिश की होती तो नियम के तहत पेनल्टी दी जा सकती थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
अनिल चौधरी ने वीडियो में विस्तार से समझाया कि इस रन आउट में बल्लेबाज आउट था क्योंकि गेंद डेड नहीं हुई थी और फील्डिंग टीम ने सही तरीके से अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि अगर फील्डर बैटर को अंदर जाने से रोकता तो नियम के अनुसार फील्डिंग साइड को पांच रन की पेनल्टी मिलती और बल्लेबाज नॉट आउट होता। लेकिन इस मामले में सभी नियमों का पालन हुआ और अंपायर ने निर्णय दिया।
अंतरराष्ट्रीय अंपायर ने यह भी कहा कि खेल भावना के लिहाज से यह घटना अच्छा उदाहरण नहीं है। उन्होंने बताया कि दोनों टीमों और खिलाड़ियों के बीच रिश्तों और भावनाओं की वजह से इस तरह की घटनाओं में विवाद की संभावना बनी रहती है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि खिलाड़ी, टीम और देश के बीच संबंध बनाए रखना महत्वपूर्ण है, लेकिन नियम के अनुसार निर्णय देना ही प्राथमिकता होनी चाहिए।
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सलमान अली आगा का रन आउट विवादास्पद जरूर था, लेकिन नियमों की कसौटी पर सही साबित हुआ। अनिल चौधरी ने इस पूरे घटनाक्रम की व्याख्या करते हुए कहा कि फैसला पूरी तरह कानून के अनुसार लिया गया और इसमें किसी भी प्रकार की गलती या खेल भावना का उल्लंघन नहीं हुआ। दोनों टीमों के खिलाड़ियों को भी इस घटना से सीख लेने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसे विवाद कम हों और खेल पर ध्यान केंद्रित रहे।