शुभमन गिल की कप्तानी पर उठे सवाल! इंदौर में गेंदबाजों ने लुटाए रन, टीम इंडिया ने फिर दोहराई पुरानी गलती
IND vs NZ: इंदौर में खेले जा रहे तीसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 337 रन बनाए। टीम इंडिया ने फिर वही पुरानी गलती दोहराई और गेंदबाज बेबस नजर आए।
- Written By: संजय सिंह बिष्ट
भारत बनाम न्यूजीलैंड तीसरा वनडे 2026 (फोटो- सोशल मीडिया)
IND vs NZ 3rd ODI: वडोदरा, राजकोट और अब इंदौर लगातार तीन मुकाबलों में टीम इंडिया एक ही कमजोरी से बाहर नहीं निकल पाई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जा रहे सीरीज के तीसरे वनडे में यह समस्या फिर साफ तौर पर नजर आई। पहले बल्लेबाजी करते हुए कीवी टीम ने 8 विकेट गंवाकर 337 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। शुरुआत में महज 5 रन पर दो विकेट गंवाने के बाद भी न्यूजीलैंड ने दमदार वापसी की, जिसका बड़ा कारण भारतीय गेंदबाजों की ढीली रणनीति और कप्तानी में आक्रामकता की कमी रही।
शुरुआती सफलता के बाद ढीली पड़ गई पकड़
टॉस जीतकर कप्तान शुभमन गिल ने न्यूजीलैंड को बल्लेबाजी का न्योता दिया और फैसला शुरुआत में सही साबित होता दिखा। पहले ही ओवर में अर्शदीप सिंह ने हेनरी निकोल्स को आउट कर दिया, जबकि अगले ओवर में हर्षित राणा ने डेवोन कॉनवे को पवेलियन भेजा। इसके कुछ देर बाद विल यंग भी आउट हो गए और स्कोर 58 रन पर तीन विकेट हो चुका था। उस वक्त भारतीय टीम पूरी तरह मैच पर हावी नजर आ रही थी।
मिडिल ओवर्स में बिखरी गेंदबाजी
हालांकि इसके बाद भारतीय गेंदबाजों की धार अचानक कुंद हो गई। चौथा विकेट भारतीय टीम को 219 रन के बाद मिला, जो मिडिल ओवर्स में विकेट ना निकाल पाने की पुरानी समस्या को फिर उजागर करता है। डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ लंबी और मजबूत साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने बिना ज्यादा दबाव के रन बटोरते हुए स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया।
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कप्तानी पर उठे सवाल
इस मुकाबले में कप्तान शुभमन गिल की रणनीति भी सवालों के घेरे में रही। 31 ओवर तक वह इस साझेदारी को तोड़ने का कोई ठोस प्लान बनाते नजर नहीं आए। फील्ड प्लेसमेंट में आक्रामकता की कमी साफ दिखी और गेंदबाजों पर रन रोकने का दबाव भी नहीं बनाया जा सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड के बल्लेबाज आसानी से रन बनाते रहे।
गेंदबाजों ने लुटाए खूब रन
भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। अर्शदीप सिंह ने अपने 10 ओवर में 63 रन खर्च किए, जबकि हर्षित राणा ने 84 रन लुटा दिए। कुलदीप यादव को सिर्फ 6 ओवर गेंदबाजी का मौका मिला, जिसमें उन्होंने 48 रन दे दिए। रविंद्र जडेजा को अपना पहला ओवर डालने के लिए 29 ओवर तक इंतजार करना पड़ा, जिससे स्पिन विकल्पों के इस्तेमाल पर भी सवाल खड़े हुए।
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वर्ल्ड कप से पहले बढ़ी चिंता
मिडिल ओवर्स में विकेट ना निकाल पाने की यह कमजोरी टीम इंडिया के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। अगर घरेलू मैदानों पर भारतीय गेंदबाज ऐसा प्रदर्शन कर रहे हैं, तो विदेशी परिस्थितियों में हालात और मुश्किल हो सकते हैं। 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए टीम मैनेजमेंट को जल्द से जल्द इस समस्या का हल निकालना होगा, वरना बड़े टूर्नामेंट में यह कमजोरी भारी पड़ सकती है।
