हरमनप्रीत कौर (फोटो-सोशल मीडिया)
Harmanpreet Kaur named stand in Mullanpur Stadium: भारत की महिला क्रिकेट टीम को पहला आईसीसी खिताब दिलाने वाली कप्तान हरमनप्रीत कौर को अब एक और बड़ी सम्मान मिलने जा रही है। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) ने घोषणा की है कि मोहाली के मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादविंद्र सिंह क्रिकेट स्टेडियम में एक स्टैंड का नाम हरमनप्रीत कौर के सम्मान में रखा जाएगा।
यह जानकारी स्वयं हरमनप्रीत ने शुक्रवार को CNN-News18 इंडियन ऑफ द ईयर अवॉर्ड्स में दी। इस अवॉर्ड्स समारोह में उन्हें चैंपियन ऑफ द वर्ल्ड पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस दौरान पूर्व भारतीय दिग्गज क्रिकेटर मिताली राज और झूलन गोस्वामी भी मौजूद थीं। इसके अलावा कई और खिलाड़ी और आईसीसी के चेयरमैन जय शाह भी मौजूद रहे थे।
हाल ही में विशाखापत्तनम के ACA-VDCA स्टेडियम ने मिताली राज के नाम पर एक स्टैंड समर्पित किया था। ऐसे में जब हरमनप्रीत से पूछा गया कि क्या वह भी ऐसी पहचान चाहेंगी, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए बताया कि PCA की ओर से उन्हें पहले ही इसका पत्र मिल चुका है।
हरमनप्रीत ने कहा कि मुझे PCA से पहले ही एक लेटर मिल चुका है जिसमें कहा गया है कि वे जल्द ही मेरे नाम पर एक स्टैंड का अनावरण करेंगे। हरमनप्रीत कौर अब कपिल देव, MS धोनी और रोहित शर्मा के बाद वरिष्ठ स्तर पर वर्ल्ड कप जीतने वाली चौथी भारतीय कप्तान बन गई हैं।
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उन्होंने आगे कहा कि वर्ल्ड कप उठाना हमारा बचपन से ही एक सपना था। मैं महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने में योगदान के लिए जय शाह को धन्यवाद देना चाहूंगी। पे पैरिटी (सामान वेतन) और विमेंस प्रीमियर लीग जैसी लीग महिला क्रिकेटरों के लिए काफी मददगार रही हैं।
भारत की शुरुआत श्रीलंका पर शानदार जीत से हुई, जिसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ दमदार प्रदर्शन किया गया। हालांकि बीच में टीम को दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड से करीबी हार झेलनी पड़ी, लेकिन निर्णायक चरण में उन्होंने दमदार वापसी करते हुए साउथ अफ्रीका को हराकर इतिहास रच दिया और पहली बार वर्ल्ड कप के खिताब पर कब्जा जमाया।
विश्व कप से पहले भारत ने लगातार तीन ODI सीरीज जीतीं और इंग्लैंड में अपना पहला द्विपक्षीय T20I सीरीज भी अपने नाम किया। वहीं वर्ल्ड कप में भारतीय टीम इससे पहले 2005 और 2017 में फाइनल तक पहुंचा था, लेकिन खिताब से दूर रह गया। इस बार टीम ने लंबा इंतज़ार खत्म करते हुए ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीमों को हराकर पहला महिला विश्व कप जीता।