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Google in IPL: भारत सरकार के नए कानून लागू होने के बाद ड्रीम 11 और माय 11 सर्कल जैसी ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों ने आईपीएल से दूरी बना ली। इन कंपनियों के हटने से बीसीसीआई को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। आईपीएल के दौरान ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स से बोर्ड को हर सीजन भारी कमाई होती थी, लेकिन अचानक आए इस बदलाव ने बीसीसीआई की रणनीति को झटका दिया। अब बोर्ड उस नुकसान की भरपाई के लिए नए विकल्प तलाश रहा था, तभी एक बड़ी टेक कंपनी की एंट्री ने तस्वीर बदल दी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गूगल की एआई सर्विस ‘गेमिनी’ अब आईपीएल से जुड़ने जा रही है। बताया जा रहा है कि गूगल अगले तीन सीजन तक आईपीएल का हिस्सा बनेगा और इस AI-पावर्ड पार्टनरशिप डील का आधिकारिक ऐलान जल्द किया जा सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब क्रिकेट जैसे बड़े खेल मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाना चाहता है, और इसी वजह से गूगल ने दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग आईपीएल को चुना है। इस डील के जरिए बीसीसीआई एक ही सीजन में करोड़ों रुपये की कमाई कर सकता है।
AI कंपनियों की क्रिकेट में एंट्री कोई नई बात नहीं है। इससे पहले वीमेंस प्रीमियर लीग 2026 में चैट जीपीटी ने बीसीसीआई के साथ पार्टनरशिप की थी। उस दौरान बोर्ड ने दो साल की डील करीब 16 करोड़ रुपये में फाइनल की थी। इससे साफ है कि टेक और AI कंपनियां अब क्रिकेट को बड़े मार्केटिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर देख रही हैं।
ड्रीम 11 के हटने के बाद टीम इंडिया की जर्सी स्पॉन्सरशिप को लेकर भी काफी चर्चा हुई थी। कई बड़ी कंपनियों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई, लेकिन आखिरकार यह डील अपोलो टायर्स के नाम रही। अपोलो टायर्स ने इसके लिए करीब 554 करोड़ रुपये की बड़ी रकम चुकाई। अब गूगल की एंट्री से एक बार फिर बीसीसीआई की कमाई को मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे आईपीएल का आर्थिक मॉडल और मजबूत हो सकता है।
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