पिंक बॉल टेस्ट (फोटो-सोशल मीडिया)
End Of Pink Ball Tests In Ashes: इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के बीच बातचीत के बाद यह तय हो गया है कि आने वाली एशेज सीरीज में पिंक बॉल टेस्ट मैच शामिल नहीं होंगे। इंटरनेशनल शेड्यूलिंग नियमों के अनुसार, डे-नाइट टेस्ट आयोजित करने के लिए दोनों बोर्ड की सहमति आवश्यक होती है। इंग्लैंड ने इसके लिए इनकार कर दिया है।
ऑस्ट्रेलिया में पिंक बॉल मैचों को टेलीविजन ऑडियंस बढ़ाने के लिए प्रमोट किया जाता रहा है। यह ईस्ट कोस्च के दर्शकों को देखकर ऐसा किया गया था। डेली मेल स्पोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ECB ने कहा है कि एशेज का कद दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखने के लिए पर्याप्त है और इसके लिए डे-नाइट मैच की जरूरत नहीं है। बोर्ड ने 2025-26 एडिशन में बेन स्टोक्स की टीम पर ऑस्ट्रेलिया की 4-1 की घरेलू जीत के दौरान रिकॉर्ड अटेंडेंस आंकड़े देखकर यह फैसला लिया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस फैसले का अगले साल मार्च में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में होने वाले स्टैंडअलोन 150वीं एनिवर्सरी मैच पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अगर यह मैच पिंक बॉल से खेला जाता, तो एशेज में डे-नाइट टेस्ट का प्रयोग समाप्त हो जाता। अब तक कुल 25 डे-नाइट टेस्ट खेले जा चुके हैं, जिनमें से पहला 2015 में हुआ था। इनमें चार मैच ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच हुए, और ऑस्ट्रेलिया ने तीन में जीत दर्ज की। इंग्लैंड ने भारत, न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन पिंक बॉल टेस्ट खेले, जिनमें से दो में जीत हासिल की।
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पिंक बॉल टेस्ट को दर्शकों के लिए अधिक एंटरटेनिंग माना जाता है क्योंकि यह शाम के समय खेलने वालों के लिए सही होती है। हालांकि, शाम के समय सीम मूवमेंट और बढ़ी हुई सीम की वजह से पिंक बॉल टेस्ट दो-तीन दिन के हो जाते हैं, जिससे ब्रॉडकास्टर और क्रिकेट बोर्ड को आर्थिक नुकसान होता है।
ECB ने यह भी कहा कि इंग्लैंड अपनी तैयारी पर ध्यान देगा। ऑस्ट्रेलिया के आने से पहले इंग्लैंड एक कड़ा वार्म-अप मैच खेलेगा, जबकि 2027 एशेज से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम को फर्स्ट-क्लास अनुभव भी मिलेगा।