भारत दौरे पर आ रहे ऑस्ट्रेलिया के डिप्टी PM रिचर्ड मार्लेस; राजनाथ सिंह के साथ होगी इन अहम मुद्दों पर चर्चा
Richard Marles Visit India: ऑस्ट्रेलियाई उपप्रधानमंत्री रिचर्ड मार्लेस भारत के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा पर चर्चा करेंगे।
- Written By: अमन उपाध्याय
रिचर्ड मार्ल्स और राजनाथ सिंह, फोटो - IANS
Richard Marles Visit India Defense Ministers Dialogue: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक और रक्षा संबंध अब एक नए और बेहद मजबूत दौर में प्रवेश कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के उपप्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस इस सप्ताह के अंत में भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दूसरे ‘ऑस्ट्रेलिया-भारत रक्षा मंत्रियों के डायलॉग’ में शामिल होना और द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को और आगे ले जाना है।
मार्लेस ने अपनी यात्रा को लेकर काफी उत्साह जताते हुए कहा कि वह भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ मुलाकात का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में मार्लेस के हवाले से कहा गया कि ‘ऑस्ट्रेलिया और भारत टॉप-टियर सुरक्षा साझेदार हैं।’ उन्होंने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया में हुई प्रगति को आगे बढ़ाने और रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
शांगरी-ला डायलॉग से भारत तक का सफर
भारत आने से पहले रिचर्ड मार्लेस सिंगापुर का दौरा करेंगे, जहां वह 29 से 31 मई तक चलने वाले 23वें शांगरी-ला डायलॉग में शिरकत करेंगे। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित मंच पर वह एशिया की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था पर आयोजित एक विशेष सत्र को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह न केवल भारत, बल्कि वैश्विक और क्षेत्रीय रक्षा समकक्षों से भी मुलाकात कर रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
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मजबूत होती द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी
गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया में पहली बार भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों के डायलॉग का आयोजन किया गया था। मार्लेस का मानना है कि यह बैठक दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की साझा इच्छा और पिछले कुछ वर्षों में हुई जबरदस्त तरक्की का प्रमाण है।
हाल ही में 8 मई को नई दिल्ली में रक्षा नीति वार्ता का 10वां सत्र भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था। इस वार्ता में दोनों देशों के अधिकारियों ने संयुक्त सैन्य अभ्यासों की बढ़ती संख्या और उनकी जटिलता पर संतोष व्यक्त किया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद ने किया, जबकि ऑस्ट्रेलियाई पक्ष की कमान अंतरराष्ट्रीय नीति के पहले सहायक सचिव बर्नार्ड फिलिप के हाथों में थी।
समुद्री सुरक्षा और भविष्य का खाका
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए समुद्री सहयोग को गहरा करने का वादा किया है। 2025 से सालाना रक्षा मंत्रियों के डायलॉग की शुरुआत इस बढ़ते भरोसे को और पुख्ता करेगी।
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दोनों देश लगातार सलाह-मशविरा बढ़ाने, रणनीतिक संबंधों को मजबूती देने और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का मिलकर सामना करने के लिए तैयार हैं। मार्लेस का यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों के लिए अहम है, बल्कि यह क्षेत्र में एक सुरक्षित और स्थिर वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
