देवदत्त पडिक्कल (फोटो-सोशल मीडिया)
Devdutt Padikkal in Vijay Hazare Trophy: विजय हजारे ट्रॉफी में कर्नाटक के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। सीजन के 7 मैचों में पडिक्कल 600 से अधिक रन बना चुके हैं। लगातार बड़े स्कोर करने की उनकी निरंतरता ने क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों को प्रभावित किया है। पडिक्कल ने अपनी बेहतरीन फॉर्म पर कहा है कि अपनी क्रिकेट को समझना बहुत जरूरी है। इससे चीजें आसान हो जाती हैं।
देवदत्त पडिक्कल ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में कहा, “जब आप अलग-अलग पोजीशन पर बैटिंग करना शुरू करते हैं, तो आप अपने गेम के बारे में बहुत कुछ सीखते हैं। मुझे लगता है कि क्रिकेट में, अपने गेम को अंदर से बाहर तक समझना जरूरी है, तभी आप अपना बेस्ट दे सकते हैं। अलग-अलग पोजीशन पर बैटिंग करने से मुझे यह समझने में मदद मिली है कि गेम के अलग-अलग फेज में मुझे किन क्षेत्रों पर टारगेट करना है, और इससे मुझे इतने सालों में अपनी इनिंग्स को बेहतर बनाने में मदद मिली है।”
उन्होंने कहा कि हर मैच में एक ही तरह से खेलना आसान है, लेकिन बड़े स्कोर नहीं बना पाते। यह जरूरी था कि मैं खुद को ढालूं और इसमें निरंतरता लाऊं। जब आप रन बना रहे होते हैं, तो यह मानना आसान होता है कि गेम खेलने का सिर्फ एक ही तरीका है। अक्सर यहीं पर आप एक समय के बाद फॉर्म खो देते हैं। अगर आप निरंतरता के साथ बड़े रन बनाना चाहते हैं, तो गेम को समझना और जितनी जल्दी हो सके एडजस्ट करना जरूरी है। इसके लिए तकनीक से ज्यादा मानसिक तौर पर तैयार रहना जरूरी है।
यह भी पढ़ें: विजय हजारे ट्रॉफी के क्वार्टरफाइनल में कर्नाटक की भिड़ंत मुंबई से, पडिक्कल और सरफराज पर होंगी नजरें
देवदत्त पड्डिकल विजय हजारे ट्रॉफी में कर्नाटक की तरफ से 7 मैचों में 4 शतक और 1 अर्धशतक की मदद से 640 रन बना चुके हैं। यह तीसरा मौका है, जब विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने 600 या उससे अधिक रन बनाए हैं। ऐसा करने वाले वह एकमात्र भारतीय बल्लेबाज हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी में कर्नाटक के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। सीजन के 7 मैचों में पड्डिकल 600 से अधिक रन बना चुके हैं। लिस्ट ए क्रिकेट में बेहतरीन रिकॉर्ड के बाद भी उन्हें अब तक भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से वनडे में डेब्यू का इंतजार है। लिस्ट ए के 40 मैचों में 13 शतक और इतने ही अर्धशतक की मदद से वह 2,711 रन बना चुके हैं।