देवदत्त पडिक्कल (फोटो-सोशल मीडिया)
Devdutt Padikkal in Vijay Hazare Trophy: भारतीय टीम से बाहर चल रहे बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने विजय हजारे ट्रॉफी के ग्रुप ए मैच में सत्र का अपना चौथा शतक जड़ते हुए कर्नाटक को त्रिपुरा के खिलाफ 80 रन से शानदार जीत दिलाई। यह कर्नाटक की पांचवीं जीत थी, जिससे वह ग्रुप ए में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है।
पडिक्कल ने 120 गेंदों में 108 रन की पारी खेली, जिससे कर्नाटक ने सात विकेट पर 332 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके बाद, कर्नाटक के गेंदबाजों ने त्रिपुरा को 251 रन पर समेटते हुए मैच में आसान जीत हासिल की। कर्नाटक की टीम ने त्रिपुरा को एक ओवर पहले ही आउट कर दिया।
मैच में कर्नाटक की शुरुआत कुछ अच्छी नहीं रही और 6 रन पर ही दो विकेट गिर गए थे। कप्तान मयंक अग्रवाल (5) और करुण नायर (0) जल्दी आउट हो गए, लेकिन देवदत्त पडिक्कल ने टीम की पारी को संभाला। पडिक्कल ने रविचंद्रन स्मरण के साथ तीसरे विकेट के लिए 136 रन की साझेदारी की। इसके बाद, उन्होंने केएल राहुल (35) के साथ 65 रन की साझेदारी की और कर्नाटक की पारी को मजबूती दी। अंत में कर्नाटक के सफेद गेंद के विशेषज्ञ अभिनव मनोहर ने 43 गेंदों में नाबाद 79 रन की तूफानी पारी खेली, जिससे कर्नाटक का स्कोर 332 तक पहुंच गया।
पडिक्कल ने महज दस दिन में पांच मैचों में 500 रन से अधिक बनाकर शानदार फॉर्म को दर्शाया है। उन्होंने इस दौरान लगातार शतक और अर्धशतक बनाए, जिससे उनकी स्थिति कर्नाटक के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। देवदत्त पडिक्कल ने अब तक लिस्ट ए के मुकाबले में 83.38 की औसत से 2585 रन बना चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 13 शतक और 12 अर्धशतकीय पारी खेली है। पडिक्कल ने इस सीजन में ही अब तक 4 शतक लगा चुके हैं।
लक्ष्य का पीछा करते हुए त्रिपुरा के बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए। त्रिपुरा के पहले पांच बल्लेबाज केवल 59 रन पर आउट हो गए थे। इसके बाद, स्वप्निल सिंह ने 100 रन की शानदार पारी खेली, जो उनका लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर था। उन्होंने रजत डे (66) के साथ छठे विकेट के लिए 107 रन की साझेदारी की, लेकिन दोनों के आउट होने के बाद त्रिपुरा की पारी जल्दी ढह गई।
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कर्नाटक की टीम ने इस जीत के साथ 20 अंक के साथ ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद मध्य प्रदेश (16 अंक), झारखंड (12 अंक) और केरल (12 अंक) की टीमें हैं। त्रिपुरा के पास अब तक सिर्फ 8 अंक हैं, जबकि तमिलनाडु और राजस्थान के पास चार-चार अंक हैं। अब कर्नाटक अगले दो मैचों में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेगा, जबकि त्रिपुरा को एलीट ग्रुप से प्लेट ग्रुप में जाने का खतरा बढ़ गया है।