आभा खटुआ (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: पेरिस ओलंपिक का आगाज 26 जुलाई से होने वाला है। जिसके लिए अब भारत के एथलीट्स पेरिस के लिए रवाना भी होने लगे हैं। लेकिन इसी बीच भारत की एक खिलाड़ी का सपना अंतिम समय में आकर टूट गया है। यह खिलाड़ी भारतीय शॉटपुट खिलाड़ी आभा खटुआ हैं, जिन्होंने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था, लेकिन अब वह पेरिस नहीं जा पाएंगी।
दरअसल, भारतीय शॉटपुट खिलाड़ी आभा खटुआ ने पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालीफाई किया था, लेकिन आखिरी समय पर उन्हें भारतीय टीम में शामिल ना किए जाने से सब हैरान हैं। आभा ने वर्ल्ड एथलेटिक्स रैंकिंग के जरिए ओलंपिक क्वालीफाई किया था और “रोड टू पेरिस 2024” लिस्ट में 21वें स्थान पर थीं, लेकिन वर्ल्ड एथलेटिक्स और उसके बाद भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा जारी लास्ट कन्फर्म लिस्ट में उनका नाम गायब हो गया।
आभा अपने साथियों के साथ 11 जुलाई को तुर्की के स्पाला गई थीं। यहीं पर भारत का ओलंपिक दल अभ्यास कर रहा था, लेकिन महज एक दिन बाद ही उनका नाम वर्ल्ड एथलेटिक्स द्वारा प्रकाशित ट्रैक और फील्ड प्रतिभागियों की सूची से गायब था। हालांकि शुरुआत में भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने पेरिस में भाग लेने वाले एथलीटों की सूची में आभा को शामिल किया था, जिसमें 30 सदस्यों की ट्रैक और फील्ड टीम की थी। लेकिन अंतिम लिस्ट में अब केवल 29 सदस्य ही हैं।
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मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आभा खटुआ को पेरिस ओलंपिक 2024 से बाहर रखने की वजह DSD रेगुलेशन हो सकता है। सूत्रों के अनुसार वर्ल्ड एथलेटिक्स ने डीएसडी के अनुपालन न करने के कारण उनकी एंट्री को रोक दिया होगा। ये नियम कुछ खास स्पर्धाओं में प्राकृतिक रूप से उच्च टेस्टोस्टेरोन स्तर वाली महिला एथलीटों की भागीदारी को नियंत्रित करने के लिए है।
डीएसडी का मतलब है “यौन विकास में अंतर” होता है। यूनाइटेड किंगडम की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के अनुसार, डीएसडी “जीन, हार्मोन और जननांगों सहित प्रजनन अंगों से जुड़ी दुर्लभ स्थितियों का एक समूह है। इसका मतलब है कि किसी व्यक्ति का यौन विकास अन्य लोगों से अलग है।”