नवभारत विशेष: बजट में सब्जबाग दिखा बहलाने की कोशिश
Union Budget 2026 Nirmala Sitharaman: बजट 2026-27 में कैंसर की दवाएं, खेल सामान और ईवी बैटरियां सस्ती हुईं, लेकिन बीड़ी जैसे उत्पादों पर टैक्स कटौती सवाल खड़े करती है। जानिए क्या बदला आपकी जेब में।
- Written By: अंकिता पटेल
नवभारत डिजाइन फोटो
Nirmala Sitharaman Tax Relief: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का 2026-27 का आम बजट महिला, युवा, गरीब व किसान के लिए अनुकूल होने का दावा किया जा रहा है। इसमें इन वर्गों को सब्जबाग दिखाकर बहलाने की कोशिश की गई है। मोटे तौर पर जनता यह जानने के लिए उत्सुक रहती है कि बजट में क्या महंगा और क्या सस्ता हुआ तथा कौन सी राहत प्रदान की गई, वित्तमंत्री ने बायोफार्मा शक्ति योजना की घोषणा की, जिसके तहत कैंसर की 17 दवाइयों के दाम कम होंगे और इलाज करवाना सस्ता होगा, खेलकूद का सामान, फिटनेस वियर जैसे सामान सस्ते मिलेंगे, इससे ‘खेलो इंडिया’ मुहिम को बढ़ावा मिलेगा।
टैक्स में कमी करने से माइक्रोवेव, इम्पोर्टेड लकड़ी के सामान, ईवी बैटरियों, बायोगैस सीएनजी, जूते, बीड़ी सस्ते होंगे। जब बीड़ी पीने से कैंसर होता है, तो बीड़ी पर टैक्स कम करने में कौन सा तुक है? विदेश यात्रा भी सस्ती होगी। शराब स्क्रैप व खनिज महंगे होंगे। व्यक्तिगत उपयोग के लिए मंगाए गए सभी सामान पर टैरिफ 20 से घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है।
सिविलियन एयरक्रैपट बनाने के लिए मटेरियल आयात करने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे निजी एविएशन को बढ़ावा मिलेगा। विदेश में पढ़ाई के खर्च में राहत देने के उद्देश्य से कदम उठाए गए हैं। अब मान्यता प्राप्त बैंक या संस्था से लिया गया एजुकेशन लोन विदेश भेजने पर टीसीएस नहीं लगेगा।
सम्बंधित ख़बरें
7 मई का इतिहास : गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का जन्मदिन, साहित्य के युगपुरुष; भारत के पहले नोबेल विजेता की विरासत
नवभारत संपादकीय: भारत में कम्युनिस्ट राजनीति का पतन, वामपंथी शासन का अंतिम किला ढहा
नवभारत विशेष: पाक ने किया सिंधु जल संधि का दुरुपयोग, भारत को चुकानी पड़ी भारी कीमत
Navabharat Nishanebaaz: सिनेमा से राजनीति का सफर तय MGR, जयललिता, अब विजय
लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत विदेश पैसा भेजने की टैक्स-फ्री सीमा बढ़ाई गई है। पहले एक वर्ष में 7 लाख रुपये तक बिना टीसीएस विदेश भेज सकते थे। अब यह सीमा बढ़ाकर 10 लाख कर दी गई है। इससे छात्रों के लिए ग्लोबल एजुकेशन का रास्ता आसान होगा तथा मध्यम श्रेणी परिवारों पर पड़ने वाला टैक्स का बोझ भी कम होगा।
बजट विकासोन्मुखी तथा रोजगार देने वाला रखने के उद्देश्य से नए व जरूरी क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाएगी। पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को पुनर्जीवन दिया जाएगा। बजट छोटे व मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देकर उन्हें ग्लोबल चैम्पियन बनाने का लक्ष्य रखता है। देश में बड़े टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे।
शहरों को व्यापार व आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। हेल्थकेयर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना शुरू होगी। 3 नए आयुर्वेदिक एम्स खोले जाएंगे। ई-वाहनों, मोबाइल, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रगति अत्यंत आवश्यक है, इसलिए मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जे निर्मित करने का बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ कर दिया गया है।
चिप मैन्युफैक्चरिंग के लिए भारत अपना सेमीकंडक्टर मिशन आईएसएम 2.0 लॉन्च करेगा। इसके अलावा केरल, तमिलनाडु व ओडिशा में रेवर अर्थ या दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे, इसमें आंध्र प्रदेश को भी संलग्न किया जाएगा ताकि खनिज संपन्न राज्यों को लाभ मिले। आधारभूत ढांचा या इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय निर्धारित किया गया है, ग्लोबल सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए बड़े प्रोजेक्ट में निवेश को सुरक्षा दी जाएगी।
यह भी पढ़ें:-निशानेबाज: शोक से मत होना बेहाल राजनीति बोली कुर्सी संभाल
इनका रिस्क गारंटी फंड की घोषणा की गई है। लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी मजबूत की जाएगी। तकनीकी खामियों पर भारी जुर्माना नहीं लगेगा, विदेशियों के लिए भारत में व्यापार करना आसान होगा। विगत अनेक वर्षों से आम बजट में रेल बजट का समावेश कर दिया गया है।
वित्तमंत्री ने 7 हाईस्पीड रेल कॉरीडोर बनाने की घोषणा की। बंगाल के डानकुनी में मालगाड़ी के लिए नया फ्रेट कॉरिडोर निर्मित किया जाएगा, वाराणसी व पटना में शिप रिपेयर इको सिस्टम बनाया जाएगा। इस बजट में राजकोषीय घाटा 4।3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
