Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

सरकारी खजाने पर बोझ के बावजूद कर्मचारियों के हित में यूनिफाइड पेंशन स्कीम

ओल्ड पेंशन स्कीम में कोई अंशदान नहीं था जबकि यूनिफाइड पेंशन स्कीम में अधिक स्पष्टता है। यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू करने पर प्रथम वर्ष में 6,250 करोड़ रुपए का बोझ आएगा। इसके साथ ही ऐसे कर्मचारियों को 800 करोड़ रुपए बकाया राशि देनी होगी जो एनपीएस लागू करने के बाद रिटायर हुए थे।

  • Written By: किर्तेश ढोबले
Updated On: Aug 27, 2024 | 10:52 AM

(डिजाइन फोटो)

Follow Us
Close
Follow Us:

केंद्रीय सरकार का अपने 23 लाख कर्मचारियों को सुनिश्चित पेंशन देने का निर्णय नेशनल पेंशन सिस्टम और ओल्ड पेंशन स्कीम के बीच एक सेतु निर्माण करता है। हाल के वर्षों में राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारों ने पुरानी पेंशन स्कीम की ओर लौटने की घोषणा की। केंद्र सरकार ने मार्च 2023 में पेंशन से जुड़े सभी मुद्दों पर गौर करने तथा रास्ता निकालने की घोषणा की थी।

आखिर केंद्र ने पुरानी और नई पेंशन योजना के विभिन्न पहलुओं को शामिल करते हुए नई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) की घोषणा की। इसमें नेशनल पेंशन स्कीम के कुछ प्रावधान वापस ले लिए गए। यूनिफाइड पेंशन योजना में सरकारी कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति से 1 वर्ष पूर्व के बेसिक वेतन की 50 फीसदी राशि के बराबर पेंशन देने का प्रावधान है। इसकी वित्तीय व्यवस्था के उद्देश्य से सरकार अपने कर्मचारियों के मूल वेतन में से 18.5 प्रतिशत का अंशदान करेगी। पहले यह अंशदान 14 प्रतिशत था। इसमें कर्मचारी 10 प्रतिशत का योगदान करेंगे।

यह भी पढ़ें:-जम्मू कश्मीर में बन रही है त्रिशंकु विधानसभा की प्रबल संभावना

सम्बंधित ख़बरें

US टैरिफ डील पर विपक्ष का संसद में हंगामा, PM मोदी के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी, विपक्ष का राज्यसभा से वॉकआउट

पहले लाए थे भारत पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाला बिल, अब ट्रंप के करीबी के बदले सुर, बोले- ‘इंडिया से…’

व्यापार समझौतों को लेकर फ्रंटफुट पर खेल रहे हैं PM मोदी…6 महीने में कर डाली 5 ट्रेड डील, बदला वर्ल्ड ऑडर

‘सरकार आर्मी चीफ के सच से डरी हुई है’: चीन मुद्दे पर राहुल गांधी का पीएम मोदी और राजनाथ सिंह पर बड़ा हमला

ओल्ड पेंशन स्कीम में कोई अंशदान नहीं था जबकि यूनिफाइड पेंशन स्कीम में अधिक स्पष्टता है। यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू करने पर प्रथम वर्ष में 6,250 करोड़ रुपए का बोझ आएगा। इसके साथ ही ऐसे कर्मचारियों को 800 करोड़ रुपए बकाया राशि देनी होगी जो एनपीएस लागू करने के बाद रिटायर हुए थे। एनपीएस में मार्च 2023 तक 23.8 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 60.7 लाख राज्य सरकारों के कर्मचारी थे।

बजट का काफी हिस्सा खर्च होगा

केंद्र व राज्य सरकारों के बजट का काफी हिस्सा पेंशन में जाएगा। 2023-24 में केंद्र व राज्य सरकारों ने पेंशन के लिए क्रमश: 2।3 लाख करोड़ तथा 5।2 लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया था। उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और केरल के मामले में यह रकम और अधिक है। इसकी वजह से सरकार अन्य मदों में कम खर्च कर पाएगी। यूनिफाइड पेंशन योजना ने सुपरिभाषित अंशदान और लाभ घटक दोनों को कायम रखा है। यह वित्तीय दृष्टि से विवेकपूर्ण कदम है। इसमें सरकार की पेंशन देनदारी सीमित रहेगी क्योंकि कर्मचारियों के अंशदान की रकम बढ़ती जाएगी। इसके विपरीत पुरानी पेंशन स्कीम में बुनियादी कमजोरी यह थी कि सरकार की देनदारी अगली पीढ़ी तक लागू होती थी।

एनपीएस में मार्केट रिस्क था

एनपीएस में मार्केट रिस्क था जबकि इस हाइब्रिड मॉडल में कर्मचारी अपनी पेंशन बचा सकेंगे और मार्केट रिस्क अगली पीढ़ी को हस्तांतरित कर सकेंगे। वास्तव में एनपीएस को अपनी सक्षमता दिखाने का अवसर नहीं मिल पाया। कर्मचारियों की पहली पीढ़ी जो मार्केट से संलग्न अंशदान योजना का लाभ उठा पाती, उसके पहले ही यह योजना वापस ले ली गई। विश्व के अन्य देशों में मार्केट लिंक्ड पेंशन स्कीम सफल रही है और संदेह करने की कोई वजह नहीं थी कि यह भारत में भी सफल साबित होती।

यह भी पढ़ें:-अंबानी के खिलाफ सख्त फैसले से 9,00,000 निवेशकों को क्या मिला?

ऐसा लगता है कि मार्केट के उतार-चढ़ाव को देखते हुए सरकार कोई जोखिम उठाना नहीं चाहती थी। उसने परिभाषित अंशदान और परिभाषित लाभ की योजना का विकल्प चुना। यदि पेंशन मुद्दे से जुड़े राजनीतिक पहलू पर विचार करें तो बीजेपी यूपीएस को अपने लिए संजीवनी मान रही है। महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने इसे तत्काल मंजूरी दे दी तथा इसे 1 मार्च 2024 से लागू माना जाएगा। इस योजना का लाभ लेने के लिए नौकरी में न्यूनतम 25 वर्ष होने चाहिए। कोई 10 वर्ष जॉब कर रिटायर हुआ तो उसे 10,000 रुपए पेंशन मिलेगी। यह पहलू काफी अच्छा है कि सरकार 18।5 प्रतिशत अंशदान करेगी जबकि कर्मचारी का अंशदान 10 प्रतिशत बना रहेगा। समय से पहले रकम निकासी पर 10 प्रतिशत ब्याज देना होगा।.

लेख चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा

Unified pension scheme is in the interest of employees despite the burden on the exchequer

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Aug 27, 2024 | 10:45 AM

Topics:  

  • Narendra Modi

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.