- Hindi News »
- Special Coverage »
- Stone Pelting Terror India 2047 Development Challenge Hindi
नवभारत विशेष: कश्मीर से निकला, अब देश के लिए खतरा बना
Stone Pelting In India: देश में कश्मीर पैटर्न की पत्थरबाजी कई राज्यों तक फैल रही है। भारत 2047 के विकास लक्ष्य के बीच यह हिंसा कानून-व्यवस्था और प्रगति के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
- Written By: दीपिका पाल

कश्मीर पत्थरबाजी (सौ. डिजाइन फोटो)
नवभारत डिजिटल डेस्क: 21वीं सदी को पूरा होने में जब महज 74 साल बचे हों और केंद्र सरकार का ड्रीम, वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र का दर्जा दिलवाना है, तब यह सोचकर ही रूह कांप जाती है कि देश में पत्थरबाजों का आतंक धीरे-धीरे हर राज्य में फैल रहा है।कश्मीर पत्थरबाजी का पैटर्न कहें या फिर यह कहें कि कश्मीर से चला पत्थरबाजों का आतंक पूरे देश में फैल चुका है, तो कोई खास बात नहीं मानी जानी चाहिए।राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखंड, हरियाणा आदि सभी राज्य धीरे-धीरे इसकी चपेट में आ चुके हैं।पहले सेना के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में जिस तरह से पत्थर फेंके जाते थे, वही तरीका अब हर कहीं अख्तियार किया जा रहा है।
जब नया वर्ष आरंभ हो चुका हो, तो अब इस पत्थरबाजी पर रोक लगे और विरोध का हैवानियत तरीका है उसे खत्म करना होगा।राजस्थान की राजधानी जयपुर के नजदीक चौमूं में एक मस्जिद के आगे रेलिंग लगाने के लिए एकत्र किए गए पत्थरों को जब हटाने के लिए स्थानीय पुलिस बल, निकाय के कर्मचारियों के सहयोग के लिए गई, तो उस पर पत्थरों की बरसात कर दी गई।इस पत्थरबाजी में आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हुए, पूरा क्षेत्र छावनी में बदल दिया गया और चालीस साल पुराने विवाद में इंटरनेट तो बंद करना ही पड़ा साथ ही उपद्रवियों में से करीब पचास से अधिक पत्थरबाजों को पकड़ा गया।इसके बाद उत्तराखंड के ऋषिकेश से भी ऐसी ही खबर आई।यहां पर वन भूमि के सर्वे में गुस्साई भीड़ ने हरिद्वार-ऋषिकेश रेलमार्ग को ठप करने का प्रयास किया और समझाइश पर पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी की।
यहां के बारे में तो यहां तक कहा जा रहा है कि पुलिस, जीआरपी तथा आरपीएफ के जवानों को जान बचाने के लिए भागना पड़ा।आधा दर्जन पुलिसकर्मियों का घायल होना और 600 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज होना बताता है कि यहां पर पत्थरबाजी कितनी संगीन रही होगी।पुलिस या सेना पर जो पत्थरबाजी कर रहे हैं, वे पत्थरबाज मासूम नहीं हैं और न ही यह सिर्फ खुद को बचाने के लिए पत्थरबाजी करते हैं।याद कीजिए जब कोरोना था और डॉक्टर्स, समुदाय विशेष के इलाके में जाते थे, तो उन पर पत्थरबाजी ने कोरोना के खिलाफ युद्ध में भी व्यवधान डाला था।इसमें कोई दुराव या छिपाव नहीं है कि यह पत्थरबाज प्रायोजित होते हैं, इन्हें कहीं से फंडिग होती है।
सम्बंधित ख़बरें
‘जम्मू-कश्मीर है छोटा ईरा’, युद्ध से पहले PM मोदी के दौरे पर महबूबा मुफ्ती ने उठाए सवाल- VIDEO
जम्मू-कश्मीर विधानसभा बनी अखाड़ा! खामेनेई के पोस्टर पर बवाल, राहुल गांधी को ‘पप्पू’ कहने पर भिड़े विधायक
बड़े हमले की फिराक में हैं आतंकी, IED के जरिए घाटी को दहलाने की साजिश, जम्मू कश्मीर में हाई अलर्ट
जम्मू यूनिवर्सिटी में ‘जिन्ना’ पर संग्राम! सिलेबस में जिन्ना को बताया ‘अल्पसंख्यकों का नेता’, मचा बवाल!
कम से कम कश्मीर में तो यही बात सामने आई थी।आज पत्थरबाजी एकाएक आरंभ नहीं हुई है, हां, यह जरूर है कि इसकी पुनरावृति में तेजी आई है।जो लोग पत्थर फेंक रहे हैं वह नासमझ हैं ऐसा नहीं हैं।कश्मीर में तो 12 वर्ष से कम के बच्चों को भी पत्थर फेंकते हुए पकड़ा गया है।पत्थरबाज देश के विकास में बाधक भी हैं।नहीं तो क्यों, वंदे भारत पर अब तक एक दर्जन से अधिक बार पत्थर फेंकने की घटनाएं हो चुकी हैं।जहां तक सरकार की बात है तो वह पत्थरबाजों को सुधरने का मौका दे चुकी है।कश्मीर में पीडीपी-भाजपा सरकार ने पत्थरबाजों के खिलाफ लगभग साढ़े आठ हजार से अधिक मामले बंद किए थे, लेकिन पत्थरबाजों ने इसे महत्व ही नहीं दिया।यदि महत्व दिया होता तो पत्थरबाजी कश्मीर से निकलकर देश के दूसरे राज्यों में आतंकी हथियार नहीं बनती।
ये भी पढ़ें- ‘नवभारत विशेष’ की अन्य रोचक ख़बरों और लेखों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पत्थरबाजी का खौफनाक आतंक
कश्मीर में तो सेना के मेजर ने सेना को सुरक्षित करने के लिए एक पत्थरबाज को अपनी जीप के आगे बांधकर ढाल के रूप में रखा था।पत्थरबाजों के खिलाफ कितनी भी कड़ी कार्रवाई की गई हो लेकिन उन पर कोई असर नहीं होता।पत्थरबाज देश के विकास में बाधक भी हैं।नहीं तो क्यों, वंदे भारत पर अब तक एक दर्जन से अधिक बार पत्थर पत्थर फेंकने की घटनाएं हो चुकी हैं।सामान्य रेलों पर तो इनकी संख्या कितनी है, यह कहना मुश्किल है।नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 के खिलाफ सिर्फ असम में पत्थरबाजी की हिंसा हुई हो ऐसा भी नहीं था।दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश से भी पुनरावृति के समाचार थे।यह पत्थरबाज युवाओं को तो इस कार्य में उपयोग करते ही हैं, साथ ही बच्चों को भी आगे कर देते हैं.
लेख- मनोज वाष्णेय के द्वारा
Stone pelting terror india 2047 development challenge hindi
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
गाड़ी की सर्विस हुई महंगी, मिडिल क्लास की जेब पर पड़ा युद्ध का सीधा असर
Apr 03, 2026 | 02:35 PMबेंगलुरु घूमने आए विदेशी का ‘कन्फेशन’ वायरल, भारत को लेकर कही ये बड़ी बात
Apr 03, 2026 | 02:31 PMमहाराष्ट्र में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! वसुमना पंत बनीं चंद्रपुर की जिलाधिकारी, नागपुर NMC में ‘अंकित’ की एंट्री
Apr 03, 2026 | 02:30 PMPune में मसाज सेंटर पर छापा: देह व्यापार रैकेट का खुलासा, दो युवतियां मुक्त
Apr 03, 2026 | 02:30 PMनागपुर में स्विमिंग पूल में 13 साल के तौफीक की डूबने से मौत, क्या रसूखदारों के दबाव में दबाया जा रहा मामला?
Apr 03, 2026 | 02:23 PMमराठवाड़ा में पेराई अंतिम चरण में, 1.21 करोड़ मीट्रिक टन गन्ने की पेराई; 15 दिनों में सत्र समाप्ति की संभावना
Apr 03, 2026 | 02:23 PMSonam Kapoor Baby: मां बनने के बाद भावुक हुईं सोनम कपूर, अस्पताल की टीम को कहा शब्दों से परे धन्यवाद
Apr 03, 2026 | 02:22 PMवीडियो गैलरी

नालंदा भगदड़ में मासूम बच्ची की मौत पर भड़के पप्पू यादव, सिस्टम की विफलता पर उठाए सवाल, सरकार को दी चेतावनी
Apr 03, 2026 | 01:54 PM
बंगाल चुनाव: मुर्शिदाबाद में ओवैसी ने PM मोदी और ममता बनर्जी पर साधा निशाना; कही यह बड़ी बात
Apr 02, 2026 | 11:06 PM
Viral Video Fact Check: PM मोदी की रैली में गैस संकट पर सवाल या फैलाया गया भ्रम?
Apr 02, 2026 | 10:54 PM
कानपुर किडनी कांड: फर्जी डॉक्टर, सीक्रेट ऑपरेशन और गायब रिकॉर्ड…8वीं पास ‘डॉक्टर’ चला रहा था करोड़ों का रैकेट
Apr 02, 2026 | 10:27 PM
रामपुर के कप्तान की विदाई में छलके आंसू, महिला सिपाहियों को रोता देख भावुक हुए SP साहब; VIDEO वायरल
Apr 02, 2026 | 09:52 PM
‘बचाओ साहब, हमें जबरदस्ती ले जा रहे हैं’, लखनऊ में कर्मियों का हंगामा, पुलिस की बदसलूकी पर उठे सवाल- VIDEO
Apr 02, 2026 | 09:34 PM














