राहुल गांधी-रेहान वाड्रा (सौ. डिजाइन फोटो)
नवभारत डिजिटल डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, मामा तो शादी कर नहीं रहा लेकिन भांजा घोड़ी चढ़ने जा रहा है।हमारा आशय 50 वर्ष की उम्र पार कर चुके राहुल गांधी और उनके भांजे रेहान वाड्रा से है.’ हमने कहा, ‘यह उनका व्यक्तिगत मामला है।आपकी चिंता का विषय नहीं है।राजनीति में कुछ नेता कुंवारे रह जाते हैं तो कुछ पत्नी को अकेली छोड़कर पूरे राष्ट्र की फिक्र में लग जाते हैं।अपना-अपना दृष्टिकोण है।शादी तो सलमान खान ने भी नहीं की।
जब दूध का पैकेट आसानी से मिल जाए तो कोई भैंस क्यों पालेगा! राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता है।कांग्रेस पाटी के केंद्र बिंदु हैं।उनकी मां चाहती है कि वह कभी न कभी देश के प्रधानमंत्री बन जाएं।जब इतनी सारी जिम्मेदारी हो तो इंसान शादी कैसे और क्यों करेगा? बड़े नेताओं को फुर्सत नहीं रहती कि पत्नी और बाल-बच्चों पर ध्यान दें।इसलिए उनकी पॉलिसी रहती है- जोरू ना जाता, अल्ला मियां से नाता !’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, रिश्ते आसमान से बनकर आते हैं, जमीन पर उन्हें सेलिब्रेट किया जाता है।इंसान सोचता रह जाता है- मेरे नसीब में तू है कि नहीं, तेरे नसीब में मैं हूं कि नहीं! कुछ की हालत ऐसी होती है- राम मिलाई जोड़ी, एक अंधा एक कोढ़ी!’ हमने कहा, ‘शादी सही उम्र में और जाने-पहचाने घर में हो जाए तो बहुत अच्छा।प्रियंका गांधी की वर्षों पुरानी सहेली है नंदिता बेग।नंदिता इंटीरियर डिजाइनर हैं.उनकी बेटी अवीवा और प्रियंका का बेटा रेहान बचपन से एक-दूसरे को जानते हैं।बचपन की बड़ी महत्ता है।
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पुराने फिल्मी गीतों के मुखड़े हैं- बचपन के दिन भुला ना देना, आज हंसें कला रूला ना देना! मेरे बचपन के साथी मुझे भूल ना जाना, देखो-देखो हंसे ना जमाना ! अवीवा और रेहान 7 साल से मोहब्बत कर रहे हैं जो अब शादी में बदलने जा रही है।यह पता नहीं कि इसमें निकाह होगा, चर्च में मैरिज होगी या 7 फेरे होंगे।कोर्ट मैरिज भी तो हो सकती है।ऐसा मानकर चलिए कि सज के आएंगे दूल्हे राजा और मामा बजाएगा बाजा!’
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा